वाशिंगटन, एजेंसी। जलवायु संबंधी मामलों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के विशेष दूत जॉन केरी ने बुधवार को कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक मंच पर एक बड़ा भागीदार है। केरी ने कहा कि नई दिल्ली द्वारा उठाए जाने वाले निर्णायक कदम अब यह निर्धारित करेंगे कि आने वाली पीढि़यों के लिए इस परिवर्तन के क्या मायने होंगे।उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता और महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा दिया जाना न सिर्फ आर्थिक वृद्धि और सतत विकास के लिए अहम है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए भी आवश्यक है।

उन्होंने साउथ एशिया वीमेन इन एनर्जी (एसएडब्ल्यूआइई) के डिजिटल कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन से निपटने के संदर्भ में भारत-अमेरिका के संबंधों और आपसी समन्वय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत वैश्विक मंच पर बड़ा भागीदार है। एसएडब्ल्यूआइई भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) और अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) की संयुक्त पहल है और ऑनलाइन प्रारूप में इसका पहला लीडरशिप समिट (नेतृत्व शिखर सम्मेलन) आयोजित किया गया।

 इस सम्मेलन में भारत, अमेरिका और दक्षिण एशिया के कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, कारोबारी जगत के नेता और विशेषज्ञों ने पर्यावरण से संबंधित स्थिरता के प्रयासों को तेज करने और जलवायु संकट से लड़ने में लैंगिक समानता की भूमिका पर चर्चा की। यूएसआइएसपीएफ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने कहा, 'हमें कोरोना वायरस की तरह ही जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भी तत्काल कार्य योजना की जरूरत है।'

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