'होर्मुज में जहाजों पर हमले अस्वीकार्य', मिडिल ईस्ट तनाव पर UN में भारत का सख्त रुख
भारत ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की, इसे अस्वीकार्य बताया। संयुक्त राष्ट्र में भारत ...और पढ़ें
HighLights
भारत ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की निंदा की।
होर्मुज स्ट्रेट में स्वतंत्र नौवहन, वैश्विक व्यापार बहाली की अपील।
संयुक्त राष्ट्र में रूस-चीन वीटो पर भारत का तटस्थ रुख।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने की निंदा की और कहा कि यह अस्वीकार्य है। भारत ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिये जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही और वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल किए जाने की अपील की है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के खिलाफ लाए गए एक प्रस्ताव पर रूस और चीन के वीटो पर भारत ने किसी पक्ष का समर्थन करने से परहेज किया और तटस्थ रुख अपनाया।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, "भारत के लिए ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से एक विशेष ¨चता का विषय होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से कमर्शियल शिपिंग है। इस संघर्ष में वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का लक्ष्य बनाए जाने की भारत कड़ी निंदा करता है।"
भारत ने जताई चिंता
भारत ने दोहराया है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक चालक दलों की जान को खतरे में डालना या होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
हरीश ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा कि भारत इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन व वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल करने की मांग करता है। उन्होंने युद्ध के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की मौत पर चिंता जताई है।
भारतीय राजदूत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 'पश्चिम एशिया की स्थिति' पर वीटो पहल के तहत हुई बहस के दौरान ये बातें कहीं। यह बैठक इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा परिषद में रूस और चीन द्वारा बहरीन के नेतृत्व में लाए गए एक प्रस्ताव पर वीटो किए जाने के बाद हुई। प्रस्ताव में यह मांग की गई थी कि ईरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करे और होर्मुज में जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही में बाधा न डाले।
