वाशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका में पुलिस हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में लोगों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है। अब ऐतिहासिक प्रतिमाओं पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। कई शहरों में क्रिस्टोफर कोलंबस की प्रतिमाओं को फिर निशाना बनाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने जेफरसन डेविस की प्रतिमा भी तोड़ दी। अमेरिका के रिचमंड, सेंट पॉल और बोस्टन शहरों में बुधवार को इन प्रतिमाओं को तोड़ने के मामले सामने आए। प्रदर्शनकारियों ने एक दिन पहले रिचमंड में कोलंबस की वर्ष 1927 में स्थापित प्रतिमा उखाड़कर झील में फेंक दी थी।

सैन्य प्रतिष्ठानों के नाम बदलने के प्रस्‍ताव को मंजूरी

इधर एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीनेट के सदस्यों ने कनफेडरेशन से जुड़े सेनानायकों की प्रतिमाओं को हटाने और उनके नाम से स्थापित सैन्य प्रतिष्ठानों के नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाम बदलने को तैयार नहीं हैं। सीएनएन ने बुधवार को अपनी खबर में बताया कि बोस्टन शहर में लोगों का एक समूह रस्सी के जरिये कोलंबस की प्रतिमा को जमीन पर ला दिया।

कोलंबस की दस फीट ऊंची प्रतिमा धराशाई

मिनेसोटा प्रांत की राजधानी सेंट पॉल शहर में प्रदर्शनकारियों ने इतालवी खोजकर्ता कोलंबस की दस फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा को तोड़ डाला। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'यह सही काम है और इसे करने का यह सही वक्त भी है।' अमेरिकी सामाजिक कार्यकर्ता कोलंबस को सम्मानित किए जाने का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोलंबस द्वारा अमेरिका की खोज के चलते ही उपनिवेश और उनके पूर्वजों का नरसंहार हुआ था। वर्ष 1492 में कोलंबस भारत की खोज के लिए निकले थे, लेकिन उन्होंने गलती से अमेरिकी महाद्वीप की खोज की थी।

जेफरसन की प्रतिमा तोड़ी

वर्जीनिया के रिचमंड शहर में कोलंबस की प्रतिमा को उखाड़े जाने के एक दिन बाद जेफरसन की प्रतिमा तोड़ दी गई। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, कानफेडरेट के प्रेसिडेंट रहे जेफरसन की प्रतिमा बुधवार रात गिरा दी गई। इससे पहले मंगलवार को शहर के बायर्ड पार्क में प्रदर्शनकारियों ने कोलंबस की प्रतिमा को कई रस्सियों की मदद से उखाड़ दिया था। कानफेडरेट दक्षिण अमेरिकी राज्यों का संघ था, जिसने गृहयुद्ध में उत्तरी राज्यों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। इस संघ की स्थापना 1861 में की गई थी और यह दास प्रथा को जारी रखने के पक्ष में था। जेफरसन 1862 से 1865 तक इस संघ के प्रेसिडेंट थे।

ब्रिटेन में भी निशाना बनीं प्रतिमाएं

ब्रिटेन में भी प्रतिमाओं को निशाना बनाया जा रहा है। ब्रिटेन के ब्रिस्टल शहर में प्रदर्शनकारियों ने गुलामों के एक खरीदार की प्रतिमा तोड़ दी। एक दिन पहले राजधानी लंदन के वेस्ट इंडिया क्वेरी इलाके में गुलामों के खरीदार रॉबर्ट मिलिगन की प्रतिमा हटाई गई थी। इस बीच दक्षिणी इंग्लैंड के एक अधिकारी ने बताया कि स्काउट के संस्थापक रॉबर्ट बेडेन पावेल की एक प्रतिमा हटाई जाएगी।

संसदीय समिति में पेश हुए फ्लॉयड के भाई फिलोनेईस

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की न्याय मामलों की समिति के समक्ष बुधवार को फ्लॉयड के भाई फिलोनेईस पेश हुए। उन्होंने समिति से नस्लवाद पर रोक लगाने की अपील की। यह समिति फ्लॉयड की मौत के बाद भड़के विरोध प्रदर्शनों को लेकर सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं पर गौर करेगी। अमेरिका के मिनीपोलिस में गत 25 मई को पुलिस हिरासत में अफ्रीकी-अमेरिकी फ्लॉयड की मौत हो गई थी। इसके विरोध में पूरे अमेरिका में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई थी।

फ्लॉयड मामले में एक आरोपित जमानत पर रिहा

फ्लॉयड की मौत मामले में मिनीपोलिस में आरोपित किए गए चार पुलिस अधिकारियों में से थॉमस लेन को बुधवार को जमानत पर रिहा कर दिया गया। सभी आरोपितों को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया है।

ट्रंप जल्द करेंगे पुलिस सुधार: ह्वाइट हाउस

ह्वाइट हाउस की प्रेस सचिव केलिग मैकनेनी ने बुधवार को कहा कि हाल में प्रदर्शनकारियों द्वारा उठाए गए मुददों के समाधान के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही पुलिस सुधार के उपायों का एलान करेंगे। ट्रंप निजी तौर पर इस पर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह सामने आ जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रंप की ओर से पुलिस सुधार विधायी प्रस्ताव या कार्यकारी आदेश के रुप में सामने आ सकता है।

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