वाशिंगटन, प्रेट्र: अमेरिका के एक हिंदू संगठन ने अमेरिकी संसद से हिंदूफोबिक (हिंदुत्व के नाम पर भयभीत करने वाले) प्रस्ताव को खारिज करने का अनुरोध किया है। यह प्रस्ताव अमेरिकी महिला सांसद इल्हान ओमर ने पेश किया है। हिंदू संस्था ने कहा है कि यह प्रस्ताव गलत और अन्यायपूर्ण सूचनाओं से भरा हुआ है। भारत की मानवाधिकार स्थिति की निंदा करने वाला है। इस प्रस्ताव के सह प्रस्तावक अमेरिकी सांसद राशिदा तालिब और जुआन वरगस हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय लगातार कर रहा है अनदेखी

प्रस्ताव में अमेरिकी विदेश मंत्रालय से मांग की गई है कि वह अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की सिफारिशों के अनुरूप भारत को चिंता योग्य राष्ट्रों की सूची में डाले। वैसे आयोग की सिफारिशें अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लिए बाध्यकारी नहीं हैं। पिछले कई वर्षो से विदेश मंत्रालय इस तरह की तमाम सिफारिशों की अनदेखी कर रहा है।

विवादास्पद राजनीतिक नेता हैं इल्हान ओमर

हिंदूपैक्ट संस्था के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रबर्ती ने बताया है कि कांग्रेस में पेश अपने प्रस्ताव 1196 में सांसद इल्हान ओमर ने जमात-ए-इस्लामी और मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े संगठनों से प्राप्त जानकारियों को शामिल किया है। यह हरकत अमेरिका की निर्वाचित जनप्रतिनिधि ने की है जिसने अमेरिकी संविधान की शपथ ली है। ओमर विवादास्पद राजनीतिक नेता हैं। वह मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद हैं। वह अपने अतिवादी विवादास्पद बयानों के लिए जानी जाती हैं।

ओमर पाकिस्तान की पक्षकारी

हिंदूपैक्ट ने कहा है कि यह न तो पहली बार है और न आखिरी बार होगा जब ओमर ने अपनी हिंदू और भारत विरोधी भावनाओं को सार्वजनिक किया है। भारत विरोधी मामलों में वह पाकिस्तान का पूरा साथ देती हैं। अप्रैल में ओमर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर गई थीं और वहां पर भारत विरोधी भावनाएं व्यक्त की थीं। पाकिस्तान में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात की थी और उनके साथ फोटो साझा की थी।

Edited By: Amit Singh