वाशिंगटन, पीटीआइ। भारत के ईवीएम में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ करना अत्यंत कठिन है। ये मशीनें ऑफलाइन हैं जिससे ये अलग-थलग इकाई बन जाती हैं। भारत में विपक्षी दलों ने मशीनों के साथ छेड़खानी की संभावना जताते हुए चिंता जताई है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एक प्रमुख अमेरिकी विशेषज्ञ ने यह राय दी है।

ईवीएम की पारदर्शिता पर सवाल
मतगणना से पहले कुछ पार्टियों ने बिहार और उत्तर प्रदेश में स्ट्रांग रूम में ईवीएम बदले जाने का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने मंगलवार को ईवीएम के साथ छेड़खानी की अफवाहों को खारिज किया था और जोर देकर कहा था कि चुनाव में इस्तेमाल की गई सभी मशीनें स्ट्रांग रूम में पूरी तरह सुरक्षित हैं।

अमेरिका ने कहा- ईवीएम पूरी तरह से विश्वसनीय
अमेरिकी विशेषज्ञ गेल्ब ने कहा, 'गहन अध्ययन को देख मेरी यह राय है कि भारतीय ईवीएम पूरी तरह से विश्वसनीय टेक्नोलॉजी है। कोई भी टेक्नोलॉजी परिपूर्ण नहीं है। लेकिन भारत की ये मशीनें ऑफलाइन हैं इसलिए उसके साथ किसी अन्य तरीके से छेड़छाड़ संभव नहीं है।'

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Posted By: Dhyanendra Singh

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