वाशिंगटन, एएफपी। चीन का राष्‍ट्रीय सुरक्षा कानून अमल में आते ही हांगकांग में पुलिस की मनमानी व ज्यादती शुरू हो गई। एक लोकप्रिय लोकतंत्र समर्थक समाचार पत्र के शीर्ष संपादक को गिरफ्तार किया गया और कंपनी के न्यूज़रूम की तलाशी ली गई। बता दें कि यह अभी तक एक मीडिया संगठन पर इस तरह की कार्रवाई का सबसे बड़ा मामला बताया गया। इसपर अब अमेरिका ने भी हस्तक्षेप किया है। वाशिंगटन ने हांगकांग से मीडिया को निशाना बनाना बंद करने का आग्रह किया है।

अमेरिका ने कहा कि लोकतंत्र समर्थक समाचार पत्र एप्पल डेली पर छापे ने एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में शहर की विश्वसनीयता को कम किया है। बता दें कि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक एपल डेली के मुख्य संपादक और उनके चार सीनियर एक्जीक्यूटिव को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। हांगकांग में चीन सरकार की थोपी गई नीतियों का निरंतर विरोध करने वाले एपल डेली पर यह कार्रवाई गुरुवार सुबह हुई।

हांगकांग पुलिस ने एपल डेली न्यूजपेपर के पांच निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया और कहा गया कि यह गिरफ्तारी इस संदेह के आधार पर की गई है कि इनका संपर्क दूसरे देशों या बाहरी तत्वों से है जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। गिरफ्तार किए गए पांच अधिकारियों में चार पुरुष और एक महिला हैं। गिरफ्तार होने वालों में एपल डेली के चीफ एडीटर रेयान ला, डिजिटल सीईओ चेंग किम हंग, चीफ आपरेटिंग आफीसर व दो अन्य एडीटर हैं। वहीं, एपल डेली के संस्थापक जिमी लाइ 2019 में हुए लोकतंत्र आंदोलन के संबंध में पहले से ही बीस माह की सजा काट रहे हैं।

सरकार का कहना है कि एपल डेली ने 30 ऐसे लेख छापे हैं, जो देश विरोधी और विदेशी ताकतों के इशारे पर लिखे गए। एपल डेली पर छापे के दौरान लगभग पांच सौ पुलिसकर्मी लगाए गए थे। यहां पर सभी पत्रकारों के कंप्यूटर जब्त कर लिए गए हैं। एपल डेली पर छापा और गिरफ्तारी को हांगकांग में मीडिया पर सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है। हांगकांग के सुरक्षा सचिव जान ली ने अखबार के दफ्तर को अपराध स्थली बताया है। उन्होंने कहा कि सामान्य पत्रकार इन लोगों से अलग होते हैं। ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।

Edited By: Nitin Arora