वाशिंगटन, एजेंसी। पेंटागन ने सोमवार को कहा कि भारत और चीन की सीमा पर तनाव को लेकर अमेरिका निश्चित तौर पर सावधान है। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन के प्रेस सचिव जान किर्बी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'शायद, कोई भी नहीं चाहेगा कि स्थितियां और अधिक तनावपूर्ण व हिंसक हों, जैसी पहले हो चुकी हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि यह भारतीय अधिकारियों पर छोड़ देना चाहिए कि वे वार्ता में क्या पक्ष रखते हैं और किस प्रकार तनाव से निपटते हैं।'

किर्बी ने कहा, 'चीन अपने पड़ोसियों को डरा रहा है और उन्हें अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा या आर्थिक हितों के अनुरूप व्यवहार करने के लिए मजबूर करने का प्रयास कर रहा है। उसका यह रवैया खुले व स्वतंत्र हिंद-प्रशांत के अनुकूल नहीं है।'

उन्होंने कहा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इस क्षेत्र में अपने गठजोड़ और भागीदारी को और मजबूत करने पर बल दिया है। अमेरिका ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि उसके साझेदारों के पास वहां मौजूद सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त रक्षा क्षमता हो। इसलिए हम कड़ी मेहनत करना जारी रखेंगे।'

अमेरिकी राजनयिक ने ड्रैगन को दिया स्पष्ट संदेश

वहीं, दूसरी ओर पिछले दिनों राष्ट्रपति जो बाइडन की तरफ से चीन में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित निकोलस ब‌र्न्स ने भारत के चालबाज पड़ोसी को स्पष्ट संदेश दे दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि चीन हिमालयी सीमा पर भारत के प्रति आक्रामक रहा है और अगर वह नियमों का पालन नहीं करता है, तो अमेरिका को उसे जवाबदेह बनाना होगा।

गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के चलते भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सेना के खिलाफ बहुत सख्त रुख अपनाया है। वहां किसी भी संभावित दुस्साहस का जवाब देने के लिए भारी संख्या में सैनिकों को तैनात किया गया है।

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Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan