वाशिंगटन (प्रेट्र)। अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसने गेहूं और चावल की सरकारी खरीद में सब्सिडी घटाकर दिखाई है। इस मसले को लेकर उसने भारत के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिकायत की है। देश में किसानों को उचित आय सुनिश्चित के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं व चावल की खरीद करती है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर और कृषि सचिव सोनी परड्यू ने संयुक्त बयान में कहा कि अमेरिका ने डब्ल्यूटीओ की कृषि संबंधी समिति के समक्ष भारत के मार्केट प्राइस सपोर्ट (एमपीएस) पर जवाबी प्रतिवेदन दिया है। भारत गेहूं और चावल पर एमपीएस दे रहा है। अमेरिका ने चार मई को यह प्रतिवेदन दिया है। डब्ल्यूटीओ समझौते के तहत पहली बार किसी अन्य देश के उपायों पर किसी देश ने कृषि संबंधी मसले पर जवाबी प्रतिवेदन दिया है।

अमेरिकी गणना के आधार पर ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत ने गेहूं और चावल के लिए मार्केट प्राइस सपोर्ट (एमपीएस) काफी कम करके दिखाया है। उसने कहा कि कृषि पर डब्ल्यूटीओ समझौते के अनुसार गणना की जाती है तो पता चलता है कि भारत का मार्केट प्राइस सपोर्ट अनुमन्य स्तर से कहीं ज्यादा है। इससे घरेलू बाजार को प्रभावित किया गया।

Posted By: Nancy Bajpai

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