वाशिंगटन, एएनआइ। अमेरिका ने शुक्रवार को चीन, रूस, पाकिस्तान सहित कुल 12 देशों को धार्मिक स्वतंत्रता की वर्तमान स्थिति के लिए विशेष चिंता वाले देशों की सूची में शामिल किया है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने साल 1998 के अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत इन नामित देशों के नाम की घोषणा करते हुए कहा, 'मैं अल-शबाब, बोको हरम, हयात तहरीर अल-शाम, हौथिस, आईएसआईएस-ग्रेटर सहारा, आईएसआईएस-पश्चिम अफ्रीका, जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमिन, तालिबान और वैग्नर समूह आधारित को नामित कर रहा हूं।'

विशेष चिंता वाले देशों में क्यूबा और निकारागुआ

मालूम हो कि मध्य अफ्रीकी गणराज्य में अपने कार्यों के आधार पर इन सभी संगठनों को विशेष चिंता वाले संगठनों की सूची में शामिल किया गया है। अमेरिका विदेश मंत्रालय द्वरा जारी बयान में कहा गया है कि इसमें क्यूबा और निकारागुआ को विशेष चिंता वाले देशों की सूची में शामिल किया गया है, जबकि चीन, रूस, ईरान, बर्मा, इरिट्रिया, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान पहले से ही इस सूची में बने हुए हैं।

धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघनों का दिया हवाला

विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने बयान में कहा, ' धार्मिक स्वतंत्रता के विशेष रूप से गंभीर उल्लंघनों में शामिल होने के लिए साल 1998 का स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मैं बर्मा, चाइना, क्यूबा, ​​इरिट्रिया, ईरान, निकारागुआ, उत्तर कोरिया, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक के तहत विशेष चिंता वाले देशों के रूप में नामित करता हूं।'

अमेरिका जारी रखेगा निगरानी 

उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया भर के सभी देशों में धर्म की स्वतंत्रता की स्थिति की करीब से निगरानी करना जारी रखेगा और धार्मिक उत्पीड़न या भेदभाव का सामना करने वालों की वकालत करेगा।

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Edited By: Sonu Gupta

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