'बुद्ध की शिक्षाएं भारत और अमेरिकी समाज को जोड़ती हैं', न्यूयॉर्क में बोले भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा
भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं भारत और अमेरिका के समाजों को जोड़ती हैं, जो द्विपक्षीय सहयोग का मजबूत आधार हैं।

बुद्ध शिक्षाएं भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करती हैं:
HighLights
बुद्ध शिक्षाएं भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करती हैं
राजदूत क्वात्रा ने न्यूयॉर्क सम्मेलन में यह बात कही
भारत बौद्ध स्थलों, नालंदा विश्वविद्यालय के विकास में जुटा
डिजिटल डेस्क, न्यूयॉर्क। भारत के अमेरिका में राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा कि भगवान बुद्ध की सदियों पुरानी शिक्षाएं भारत और अमेरिका, दोनों के समाजों को जोड़ती हैं और द्विपक्षीय सहयोग व साझेदारी का मजबूत आधार हैं।
न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास की ओर से आयोजित ‘भारत का कालातीत संदेश: प्राचीन से समकालीन समय तक बौद्ध धर्म’ सम्मेलन में विशेष संबोधन देते हुए भारतीय राजदूत क्वात्रा ने कहा,‘जब हम भारत-अमेरिका साझेदारी, सहयोग और संपर्क की बात करते हैं, तो हम देश-से-देश के संबंधों की बात करते हैं।’
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी व्यापार, प्रौद्योगिकी, पूंजी के प्रवाह और लोगों के माध्यम से जुड़ती है। बौद्ध विचारों की अकादमिक समझ और उनमें गहरी पैठ के लिए अमेरिका एक बड़ा केंद्र है।भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि बुद्ध को ज्ञान प्राप्त होने के समय से लेकर आज तक उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता ‘स्थायी’ है।
बुद्ध की शिक्षाओं में ऐसा कुछ नहीं बदला, वे लगभग वैसी ही हैं। व्याख्याएं बदली हैं। बौद्ध भिक्षुओं, अनुयायियों, विद्वानों और शिक्षाविदों की मौजूदगी वाले सम्मेलन में क्वात्रा ने कहा कि भारत नालंदा को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में फिर से विकसित करने के लिए प्रयासरत है।
इसके साथ ही बौद्ध अध्ययन के तीन अन्य केंद्र सारनाथ, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बनाए जा रहे हैं। “बौद्ध परिपथ” विकसित करने का उद्देश्य बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं से जुड़े 13 प्रमुख स्थलों को विकसित कर उन्हें अध्ययन और संवाद का केंद्र बनाना है।
इनमें बिहार का बोधगया व उत्तर प्रदेश के सारनाथ, कुशीनगर और श्रावस्ती शामिल हैं। उन्होंने अमेरिका के उच्च शिक्षण संस्थानों में नालंदा पीठ स्थापित करने, बौद्ध पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटलीकरण, अनुवाद और विद्वानों-विद्यार्थियों के बीच आदान-प्रदान की जरूरत पर जोर दिया।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
