अब्राहम लिंकन की साइन की हुई ऐतिहासिक तस्वीर 1.49 लाख डॉलर में नीलाम, अमेरिकी गृहयुद्ध के इतिहास से है गहरा नाता
अब्राहम लिंकन की हस्ताक्षरित दुर्लभ तस्वीर हाल ही में नीलामी में $149,020 में बिकी है। यह तस्वीर गृहयुद्ध के दौरान ...और पढ़ें

अब्राहम लिंकन की हस्ताक्षरित ऐतिहासिक तस्वीर 1.49 लाख डॉलर में नीलाम

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। कुछ ऐतिहासिक खजाने दशकों तक कांच के पीछे सुरक्षित रखे रहते हैं, जहां लोग उन्हें दूर से देखते हैं और उनकी प्रशंसा करते हैं। वहीं, कुछ अन्य खजाने परिवारों के घरों के भूले-बिसरे कोनों में पड़े रहते हैं। इनका महत्व तब तक छिपा रहता है, जब तक कि अचानक किसी खोज से अतीत की परतें फिर से न उधड़ जाएं।
अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन से जुड़ी एक ऐसी ही दुर्लभ और अनमोल तस्वीर हाल ही में सामने आई है, जिसने इतिहास प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मैसाचुसेट्स के एक परिवार में पीढ़ियों से सुरक्षित रही यह हस्ताक्षरित तस्वीर एक पुराने अखबार की कतरन के साथ मिली, जिसने इसके अद्भुत इतिहास से पर्दा उठाया।
आरआर ऑक्शन की रिपोर्ट के अनुसार, यह ऐतिहासिक तस्वीर नीलामी में 149,020 डॉलर में बिकी है।
युद्ध के समय वाली ऐतिहासिक तस्वीर
नीलामी रिपोर्ट के अनुसार, लिंकन पेनी प्रोफाइल के नाम से मशहूर इस तस्वीर में अमेरिका के महान राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को दाईं ओर देखते हुए दिखाया गया है। केवल 2.25 गुणा 4 इंच आकार की यह कार्ट-डी-विजिट तस्वीर फरवरी, 1864 को वाशिंगटन डीसी में स्थित मैथ्यू ब्रैडी के प्रसिद्ध फोटोग्राफिक स्टूडियो में एंथनी बर्जर द्वारा खींची गई थी।
यह तस्वीर आगे चलकर लिंकन की सबसे अधिक पहचानी जाने वाली और प्रतिष्ठित छवियों में से एक बन गई। विक्टर डेविड ब्रेनर ने जब लिंकन सेंट (सिक्के) का डिजाइन तैयार किया, तो इसी तस्वीर को मुख्य संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया गया था।
इतना ही नहीं, उसी फोटोग्राफिक सत्र के दौरान वह तस्वीर भी कैप्चर की गई थी, जिसे बाद में अमेरिकी पांच डॉलर के नोट के डिजाइन में शामिल किया गया। इस विशेष तस्वीर की सबसे बड़ी खासियत इसके निचले हिस्से में स्याही से किए गए लिंकन के अपने हस्ताक्षर हैं, जो इसके मूल उद्देश्य और प्रामाणिकता की पुष्टि करते हैं।
यूनियन सैनिकों के परिवारों की मदद
दिसंबर 1864 में जब अमेरिकी गृहयुद्ध अपने चरम पर था, तब लिंकन ने मैसाचुसेट्स के वेस्टफोर्ड स्थित सोल्जर्स एड सोसाइटी को अपने हस्ताक्षर वाली छह तस्वीरें भेंट की थीं। इन तस्वीरों को 14 दिसंबर को आयोजित एक विशेष फंडरेजिंग कार्यक्रम में बेचा जाना था। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय यूनियन सैनिकों के परिवारों की आर्थिक मदद करना था, जो घर पर रहकर युद्ध का भारी बोझ उठा रहे थे।
चूंकि राष्ट्रपति लिंकन इस संस्था को सीधे तौर पर कोई सरकारी या संघीय फंड नहीं दे सकते थे, इसलिए उन्होंने व्यक्तिगत और ऐतिहासिक महत्व वाली इन तस्वीरों को दान करने का रास्ता चुना। तस्वीर के पीछे लिखे गए शब्द इस बात की पूरी पुष्टि करते हैं कि इसका सीधा संबंध वेस्टफोर्ड के उस सहायता कार्यक्रम से था।
यही वजह है कि यह तस्वीर केवल एक राष्ट्रपति का पोर्ट्रेट मात्र नहीं रह जाती, बल्कि यह गृहयुद्ध के दौर की एक चैरिटी पहल का जीवंत दस्तावेज बन जाती है।
कतरन ने खोला इतिहास का राज
विवरण के अनुसार, यह तस्वीर वेस्टफोर्ड के एक प्रमुख उद्योगपति और नागरिक नेता चार्ल्स जी. सार्जेंट ने उस फंडरेजिंग कार्यक्रम के दौरान हासिल की थी। इसके बाद यह उनके बेटे एलन सी. सार्जेंट के पास सुरक्षित पहुंच गई, जो ऐतिहासिक वस्तुओं को सहेजने और विभिन्न ऐतिहासिक संगठनों से जुड़े रहने के लिए जाने जाते थे।
यह तस्वीर लगभग एक सदी तक उस परिवार के पास गुमनामी के अंधेरे में रही। आखिरकार, 1924 की एक पुरानी अखबार की कतरन ने इस बात का खुलासा किया कि लिंकन ने ये छह तस्वीरें दान में दी थीं।
साथ ही, इस कतरन से उनके हस्ताक्षर के प्रामाणिक होने की भी पुष्टि हुई। यह महत्वपूर्ण कतरन एक पुराने फ्रेम के पीछे छिपी हुई मिली, जब तस्वीर एक डेस्क की तलाशी के दौरान दोबारा सामने आई।
