नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। 19 साल पहले आज ही के दिन अमेरिका खतरनाक आतंकी हमलों से कांप उठा था। 11 सितंबर, 2001 को दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें तकरीबन तीन हजार लोगों की जान चली गई थी, इनमें सैकड़ों पुलिस अफसर और फायरफाइटर्स भी शामिल थे। मरने वालों में 77 देशों के लोग शामिल थे। इस दिन दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में शुमार वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पलभर में जलकर राख हो गया था। इस हमले को 19 साल होने पर आज 9/11 मेमोरियल एंड म्यूजियम ने ट्विटर पर कहा है, "उन्नीस साल पहले, नीले नीले आसमान के नीचे, 102 मिनट में हमारा जीवन हमेशा के लिए बदल गया था। आज 11 सितंबर को दुनियाभर के लोग इसकी वर्षगांठ में शामिल हों।"

19 साल पहले आतंकी संगठन अलकायदा के आतंकियों ने 4 पैसेंजर एयरक्राफ्ट हाइजैक किए थे और उनमें से दो विमानों को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, न्यूयॉर्क शहर के ट्विन टावर्स के साथ टकरा दिया था, जिससे यहां काम करने वाले हजारों लोगो की मौत हो गई थी इतना ही नहीं विमान पर सवार पैसेंजर भी इस हमले में मारे गए थे। इसके अलावा तीसरा विमान वॉशिंगटन डी.सी. के बाहर पेंटागन और चौथा विमान पेंसिलवेनिया के खेतों में गिराया। इस हमले में अलकायदा के 19 आतंकी शामिल थे। इस हमले ने दुनियाभर के तमाम देशों को हिला कर रख दिया था। यह दिन अमेरिका के इतिहास में दर्ज है। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इस घटना को अमेरिकी इतिहास का सबसे काला दिन करार दिया था।

नौ महीने में हटाया गया था 18 लाख टन मलबा

अलकायदा द्वारा किए गए इस आतंकी हमले ने आर्थिक स्तर पर भी अमेरिका को बहुत नुकसान पहुंचाया था। इस हमले में लोगों की जान तो गई ही, लेकिन ट्विन टावर की इमारत भी करीब 2 घंटे में मलबे में तब्दील हो गई थी। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) अपने आप में अलग ही पहचान थी। इसमें कई दुर्लभ तरह की कलाकृतियां भी सहेजकर रखी गई थी, जिनकी कीमत 10 करोड़ रुपये के आस-पास थी। हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से अलग-अलग तरह का लगभग 18 लाख टन मलबा निकला था, जिसे हटाने में ही नौ महीने का समय लग गया था। 

अमेरिका ने ऐसे लिया हमले का बदला

अमेरिका ने इस खौफनाक आतंकी हमले का बदला ओसामा बिन लादेन को मारकर लिया था। अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (डब्ल्यूटीसी) पर हुए इस आतंकी हमले में अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था। अमेरिका ने इस बात का पता चलते ही लादेन को मारने की ठान ली थी। अमेरिका ने बदले की कार्रवाई करते हुए 10 साल बाद दो मई 2011 को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा को मार गिराया था।

जानिए कैसे-कैसे 9/11 आतंकी घटना को दिया गया था अंजाम

  • सुबह 8:46 बजे : बोस्‍टन से लॉस एंजिलिस की उड़ान पर निकले अमेरिकन एयरलाइंस के बोईंग 767 में सवार पांच अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया था। उन्‍होंने इसको वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के उत्‍तरी टावर से टकरा दिया। जिसके चलते आग पूरी इमारत आग के गोले में तब्‍दील हो गई। इसमें 92 लोग सवार थे।
  • सुबह 9:30 बजे : अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍ल्‍यू बुश ने इसे आतंकी हमला करार दिया था।
  • सुबह 9:37 बजे : वॉशिंगटन डलास से लॉस एंजिलिस जा रहे अमेरिकन एयरलाइंस के बोईंग 757 को भी इसमें सवार पांच अपहरणकर्ताओं ने हाईजैक कर लिया था। इसमें 64 लोग सवार थे। इस विमान को आतंकियों ने पेंटागन से टकरा दिया था।
  • सुबह 9:42 बजे : यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्‍ट्रेशन ने सभी विमानों की आवाजाही पर रोक लगाई।
  • सुबह 9:59 बजे : वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर से टकराने के करीब 56 मिनट बाद दक्षिण टावर गिरा।
  • सुबह 10:03 बजे : नेवार्क से सेन फ्रांसिस्‍को जा रहे यूनाइटेड एयरलाइंस के बोईंग 757 को विमान में सवार चार अपहरणकर्ताओं ने अगवा कर लिया। इसमें 44 लोग सवार थे। यह विमान पेंसिल्वेनिया में शैंक्सविले के पास क्रैश हो गया था।
  • सुबह 10:28 बजे : वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के 42 मिनट बाद उत्‍तरी टावर गिरा और मैनहट्टन का आसमान धूल और धुंए से पट गया।

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