मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्‍ली जागरण स्‍पेशल। 9 सितंबर 2001 को न्‍यूयॉर्क की वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर (9/11 Terror Attacks on World Trade Tower) पर हुए इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था। यह हमला अलकायदा के आतंकियों ने किया था। इसमें आतंकियों ने चार विमानों का इस्‍तेमाल किया था। इनमें से दो विमान वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराए गए थे जबकि तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकाराया था। वहीं चौथे विमान के यात्रियों ने हिम्‍मत दिखाते हुए इस में सवार आतंकियों से लोहा लिया था। इसका नतीजा ये हुआ था कि यह विमान एक खेत में जा गिरा था। माना जाता है कि इस विमान का टार्गेट व्‍हाइट हाउस था। दो विमानों के टकराने से ट्विन टावर ध्‍वस्‍त हो गए थे। इनको ध्‍वस्‍त होते पूरी दुनिया ने अपनी टीवी स्‍क्रीन पर देखा था। पूरी दुनिया इसको लेकर सकते में थी  

सैकड़ों लोग गवाह
ट्विन टावर के गिरने (Twin Tower Collepse) के सैकड़ों लोग गवाह रहे। सैकड़ों किमी दूर से भी लोगों ने इसको देखा था। इसकी धूल के गुबार को सैकड़ों किमी दूर से देखा और महसूस किया गया। इस धूल के गुबार ने आसपास की इमारतों और कई किमी के हिस्‍से को अपने आगोश में ले लिया था। आसपास के इलाके पूरी तरह से धूल के गुबार में लिपटे हुए थे। हजारों लोग इसकी चपेट में आए थे। लेकिन जो एक चेहरा इसकी पहचान बना उसका नाम था मर्सी बॉर्डर (Marcy Borders), जिसको दुनिया ने डस्‍टी लेडी (Dusty Lady) के नाम से भी पहचाना। उनकी धूल से लिपटी फोटो हर अखबार की सुर्खियां बनी थी। 9/11 हमले की एक तरह से यह फोटो पहचान बन गई थी। एक इंटरव्‍यू में बॉर्डर ने उस भयावह मंजर के बारे में बताया भी था। अमेरिकी चैनल को दिए इंटरव्‍यू के दौरान वह इस कदर भावुक हो गई थीं कि उन्‍हें शांत करने के लिए खुद प्रजेंटर को सामने आना पड़ा था। 

जिस वक्‍त वर्ल्‍ड ट्रेडसेंटर(Terror attacks on WorldTrade Centre ) पर आतंकी हमला हुआ था उस वक्‍त मर्सी बॉर्डर्स इसके नॉर्थ टावर के 81वीं मंजिल पर बने अपने ऑफिस में हीथीं। वह बैंक ऑफ अमे‍रिका (BankOf America) में बतौर लीगल असिसटेंट सेवा दे रही थीं। जिस वक्‍त आतंकियों द्वारा हाईजैक (Terrorist highjack four Plane) किया गया विमान इस इमारत से टकराया उसके तुरंत बाद वहां पर आगऔर धुएं के गुबार के साथ-साथ कांच और इमारत का मलबा हवा में फैल गया था। पहली बार में कोई नहीं समझ पा रहा था कि आखिर ये क्‍या हुआ है। पूरी इमारत में इस हमले से दहशत फैल गई थी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। मर्सी ने खुद लोगों को इमारत की खिड़कियों से नीचे कूदते देखा था। यह हर किसी के लिए भयावह मंजर था। इस हमले में मर्सी उन चंद खुशनसीब लोगों में शुमार थीं जो इस हमले में बच गईथीं।    

डस्‍टी लेडी
दुनिया ने जिस फोटो को डस्‍टी लेडी (Iconic Image of DustLady) के नाम से पहचाना वह फोटो एजेंसी फ्रांस प्रेस के फोटोग्राफर स्‍टेन होंडा ने खींची थी। इस फोटो में वह पूरी तरह से वह पूरी तरह से धूल से लिपटी हुई थीं। इस फोटो के खींचने के कुछ घंटों बाद ही यह फोटो पूरी दुनिया में वायरल हो गई थी। हर अखबार और हर मैगजीन ने इस फोटो को छापा था। यह फोटो इस हमले की पहचान बन चुकी थी। इस दौरान जो फोटो सबसे ज्‍यादा डिस्‍ट्रीब्‍यूट की गई इसमें डस्‍टी लेडी की यह आइकोनिक फोटो (IconicImage of 9/11 Terror Attack) भी शामिल थी। मर्सी न्‍यूजर्सी के बेयोन की रहने वाली थीं। इस हमले का खौफ उनके ऊपर इस कदर व्‍याप्‍त था कि इसकी वजह से वह डिप्रेशन की शिकार हो गईं। इसकी वजह से न सिर्फ उनका अपने पार्टनर से अलगाव हो गया बल्कि उनके बच्‍चों की कस्‍टडी भी उनसे छीन ली गई थी।

जीवन में बहुत बदलाव
इस घटना की वजह से उनके जीवन में बहुत बदलाव आ गया था। वह बहुत ज्‍यादा शराब और ड्रग्‍स लेने तक की आदी हो गई थीं। 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने अलकायदाऔर इसके प्रमुख ओसामा बिन लादेन (Al-Qaeda Chief Osama Bin Laden) के खात्‍मे की शुरुआत की थी। 2 मई 2011 को ओसाबा बिन लादेन को पाकिस्‍तान के एबटाबाद में ढेर कर दिया गया। इसके बाद मर्सी में कुछ पॉजीटिव बदलाव जरूर शुरू हो गए थे। मर्सी ने इंटरव्‍यू के दौरान यहां तक बताया था कि इस दौरान पब्लिश कई आर्टिकल्‍स में होंडा की इस आइकोनिक इमेज (Stan Honda Photographer forAgence France Presse) का इस्‍तेमाल किया गया था। डेली टेलीग्राफ ने मर्सी को इस हमले की दसवीं बरसी पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जर्मनी में आमंत्रित किया था। इस दौरान इस हमले में बचे दूसरे लोगों को भी बुलाया गया था। मर्सी उन चंद खुशनसीब लोगों में शामिल थीं जो इसमें जिंदा बच गई थीं। उन्‍होंने खुद ने लोगों को जान बचाने के लिए वर्ल्‍ड ट्रेड सेंटर की खि‍ड़कियों से कूदते देखा था। 

कर्जदार मर्सी 
मर्सी को 2014 में स्‍टॉमैक कैंसर में पता चला था। इसके इलाज के चक्‍कर में वह कर्जदार तक हो गई थीं। हालांकि पैसों की कमी के चलते उनकी सर्जरी नहीं  थी, लिहाजा उन्‍होंने दोबारा कीमोथेरेपी करवाई थी। उनको विश्‍वास था कि यह कैंसर उन्‍हें ट्विन टावर के गिरनेऔर इससे उठने वाले धूल के गुबार से हुआ है। इंटरव्‍यू के दौरान भी उन्‍होंने इसका जिक्र किया था। उनका कहना था कि इस हमले से पहले उन्‍हें कभी कुछ नहीं हुआ था। नकोई ब्‍लड प्रेशर, न डाइबिटीज,न ही कॉलेस्‍ट्रोल की शिकायत उन्‍हें थी। मर्सी की कैंसर की बीमारी की वजह से 24 अगस्‍त 2015 को निधन हो गया था। पामेला बुकर के 2009 में आए एक नाटक में भी मर्सी समेत शर्बत गुला भी एक अहम किरदार के रूप में सामने आया था। बुकर ने अपने नाटक को इन दोनों को समर्पित किया था। उनकी डस्‍ट लेडी वाली फोटो को हमले के बाद लिखे गए कुछ उपन्‍यासों में भी छापागया था।

जानें Orbiterने किस तकनीकसे खोजी Lander Vikram की लोकेशन, कैसे करती है काम 
जानें- चीन के उस टेलिस्‍कोप की खासियत जिसको मिल रहे हैं अंतरिक्ष से रहस्‍यमय सिग्‍नल 

 

Posted By: Kamal Verma

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप