नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। मिशिगन टेक यूनिवर्सिटी और टेनेसी स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जोशुआ एम पीयर्स और डेविड सी डेनकेबर्गर की जर्नल सेफ्टी में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर परमाणु युद्ध हुआ तो दुनिया में मौजूद 13,865 परमाणु हथियारों में से केवल 100 परमाणु मिसाइलें ही आधी दुनिया को तबाह करने के लिए काफी होंगी। इससे दुनिया की आधी ओजोन परत बर्बाद हो जाएगी, आधी दुनिया से सर्दी-गर्मी का मौसम ही खत्म हो जाएगा। वनस्पतियों और पेड़- पौधों का निशान तक मिट जाएगा। दुनिया के दो अरब लोग भूख, रेडिएशन और तपिश से मारे जाएंगे।

कृषि उत्पादन में आएगी कमी

इससे कृषि उत्पादन में 10 से 20 फीसद की कटौती होगी और औद्योगिक आपूर्ति में व्यवधान उत्पन्न होगा।

अन्य चीजों पर पड़ेगा प्रभाव

इसका असर चिकित्सा आपूर्ति पर भी पड़ेगा। प्रदूषण का स्तर बढ़ जाएगा। मनोवैज्ञानिक तनाव बढ़ेगा। बीमारियों और महामारियों के साथ-साथ बढ़े हुए यूवी विकिरण के कारण त्वचा कैंसर की दर भी बढ़ेगी।

खो देंगे आधी आबादी

रिपोर्ट के मुताबिक, नौ में से छह परमाणु संपन्न देश यदि सौ मिसाइल लांच करते हैं, तो वे स्वयं को नष्ट कर लेंगे। भारत, पाकिस्तान, यूनाइटेड किंगडम, उत्तर कोरिया, इजरायल और चीन इसके कारण भुखमरी से अपनी आधी आबादी खो देंगे।

भयावह होगा नजारा

इन मिसाइलों के विस्फोट से निकलने वाली सात ट्रिलियन ग्राम राख वायुमंडल में फैल जाएगी और सूरज को ढक लेगी। इसके कारण सूर्य की 20 फीसद किरणें पृथ्वी पर पहंळ्च ही नहीं पाएंगी और पृथ्वी का तापमान इतना कम हो जाएगा जितना धरती ने पिछले 1000 सालों में अनुभव नहीं किया है। यही नहीं इससे वैश्विक वर्षा में 19 फीसद गिरावट आएगी। दुनिया भर के करीब दो अरब लोग काल के मुंह में समा जाएंगे।

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