-सर्वश्रेष्ठ पंचायत का अवार्ड भी राधिकापुर की झोली में

संवाद सूत्र,कालियागंज: उत्तर दिनाजपुर जिला को सर्वश्रेष्ठ प्रखंड और सर्वश्रेष्ठ पंचायत का अवार्ड मिला। कालियागंज को यह पुरस्कार महात्मा गाधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार परियोजना के तहत मिला। उल्लेखनीय है कि कोविड के बावजूद विकास गतिविधियों को सही दिशा में ले जाने में सक्षम रहा। कालियागंज को इस वर्ष 100 दिवसीय परियोजना में उत्तर दिनाजपुर में सर्वश्रेष्ठ प्रखंड का पुरस्कार मिला है। वहीं प्रखंड के राधिकापुर को सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत का पुरस्कार मिला। यह पुरस्कार उत्तर दिनाजपुर जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को रायगंज स्टेडियम में आयोजित गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदान किया गया। 100 दिवसीय परियोजना में जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा एवं रायगंज के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद सना अख्तर ने सर्वश्रेष्ठ प्रखंड पुरस्कार के रूप में ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र कालियागंज प्रखंड एवं पंचायत प्रशासन के हाथों सौपा। इस मौके पर कालियागंज बीडीओ प्रसून कुमार धारा और पंचायत समिति सभापति दीपा सरकार एवं राधिकापुर ग्राम पंचायत के प्रधान विक्रम देवशर्मा मौजूद होकर पुरस्कार ग्रहण किए। इसके अलावा संयुक्त बीडीओ संदीपन दे सहित कालियागंज प्रखंड की नरेगा शाखा के कर्मचारी मौजूद थे।

ग़ौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है। कालियागंज ब्लॉक और राधिकापुर ग्राम पंचायत को पिछले साल भी 100 दिन की परियोजना में जिले के सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक और सर्वश्रेष्ठ पंचायत का पुरुस्कार मिला था। उत्तर दिनाजपुर जिले की 100 दिवसीय कार्य परियोजना में दो सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार कालियागंज को लगातार दो वषरें से मिल रहे हैं। 96 ग्राम पंचायतों वाली उत्तर दिनाजपुर जिले के 9 प्रखंडों की पंचायतों को इस बार सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला। जिसमे रायगंज ब्लॉक की कमलाबाड़ी-1, हेमाताबाद ब्लॉक का चैनगर, इटाहर ब्लॉक का इटाहर, कालियागंज ब्लॉक का बोचाडागा, करंदीघी ब्लॉक का रानीगंज, इस्लामपुर ब्लॉक का मतीकुंडा-2, गोलपोखर-1 ब्लॉक के साहापुर-1, गोलपोखोर-2 के बेलन ग्राम पंचायत, चोपड़ा ब्लॉक के चुटीयाखोर ग्राम पंचायत है। बतादें कि उत्तर दिनाजपुर जिला नरेगा विभाग गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के अवसर पर 100 दिन रोजगार योजना में अच्छे कार्य करने के लिए यह पुरस्कार देता है। कोरोना के प्रकोप ने पूरे देश में रोजगार को छोटा कर दिया है। कोविड की शुरुआत में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मुंबई, गुजरात और कश्मीर जैसे अन्य राज्यों से जिले में लौटे। ममता बनर्जी की सरकार ने बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों को रोजगार देने के लिए 100-दिवसीय परियोजना को माध्यम बनाकर इस्तेमाल किया। जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा की देख-रेख में कालियागंज के बीडीओ प्रसून कुमार धारा और पंचायत समिति सभापति दीपा सरकार ने 100 दिन के इस योजना में प्रवासी श्रमिको को रोजगार मुहैया करवाने के लिए खुद को समर्पित कर दिए।

कैप्शन : पुरस्कार के साथ प्रशासनिक पदाधिकारी

Edited By: Jagran