जागरण संवाददाता, उत्तर दिनाजपुर : तृणमूल पंचायत समिति की सदस्य आसमा तारा बेगम व उनके पति एकरामुल हक पर महिला एंबुलेंस चालक को आठ हजार रूपये मासिक वेतन वाली नौकरी देने के एवज में एक लाख घूस लेने का मामला सामने आया है। यह घटना चोपड़ा ब्लॉक ग्राम पंचायत के मझयारी पंचायत के श्यामगछ इलाके में घटित हुई। उल्लेखनीय है कि इलाके में एक महिला एम्बुलेंस चालक है, जिसका नाम सुधरानी सिंह है, जिसका एक वीडियो वायरल हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महीने पहले हेमाबाद में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में एक परिसंघ के लिए एक एम्बुलेंस दिया गया था। इसके तहत पहले, सुधारानी को एक एम्बुलेंस चालक के रूप में प्रशिक्षित किया गया था। कथित तौर पर लालच दिखा कर दंपती ने उनसे एक लाख रूपये लिए। लेकिन अभी तक उसे मासिक वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में विधायक हामिदुल रहमान से भी संपर्क कर शिकायत की गयी है। उन्होंने जिला परिषद सदस्य गोपाल भौमिक को मामले की जानकारी दी है। हालाकि गोपाल भौमिक ने कहा कि जब वह एम्बुलेंस जब हमें मिली थी, मैं मौजूद था। एक लाख रुपये देने की बात उसके कानों में पड़ी। दूसरी ओर इकरामुल हक ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है,आरोप बिल्कुल गलत है। यह एक गोपाल भौमिक की साजिश है। घटना को लेकर दहशत में आई महिला के पिता सुबल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य की चिंता किए बिना जमीन बेचकर जमीन का बहुत सारा पैसा दिया था। लेकिन अब बेटी को वेतन भी नहीं मिल रहा है। हमें कटमनी यानी घूस का रूपया भी नहीं लौटाया जा रहा है।

कैप्शन : महिला एंबुलेंस चालक सुधारानी सिंह

Posted By: Jagran

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