पुरुलिया को मिलेगी नई उड़ान: छड़रा के ऐतिहासिक ब्रिटिश एरोड्रम को एयरपोर्ट बनाने की तैयारी तेज
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक छड़रा एरोड्रम को पूर्ण विकसित एयरपोर्ट में बदलने की प्रक्रिया ...और पढ़ें

पुरुलिया में वर्जित एरोड्रम को चालू करने और विमानों का परिचालन शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
HighLights
छड़रा का ब्रिटिशकालीन एरोड्रम अब पूर्ण विकसित एयरपोर्ट बनेगा।
UDAN योजना के तहत ₹2,000 करोड़ का बजट स्वीकृत।
इससे उद्योग, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा।
जागरण संवाददाता, पुरुलिया। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छड़रा गांव स्थित ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक एरोड्रम को अब एक पूर्ण विकसित एयरपोर्ट के रूप में बदलने का प्रयास तेज हो गया है।
पुरुलिया सफर के दौरान सर्किट हाउस में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्जित एरोड्रम को चालू करने और विमानों का परिचालन शुरू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
दूसरे विश्व युद्ध से जुड़ा है इतिहास
छड़रा स्थित यह एयरफ़ील्ड वर्ष 1942 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान रॉयल ब्रिटिश एयर फ़ोर्स द्वारा बनाया गया था और 1945 तक सक्रिय रहा।
उस समय इसका मुख्य उपयोग लड़ाकू विमानों में ईंधन भरने (Refueling) के लिए किया जाता था। युद्ध समाप्त होने के बाद इसे छोड़ दिया गया और लंबे समय तक यह केवल एक खाली मैदान और एयरस्ट्रिप के रूप में पड़ा रहा।
आधुनिकीकरण और विकास योजना
केंद्र सरकार की UDAN (उड़े देश का आम नागरिक) रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इस प्रोजेक्ट को विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ MoU पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
एयरपोर्ट का निर्माण दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा
- फेज 1: शुरुआती चरण में 1,100 मीटर लंबा रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, पैसेंजर टर्मिनल और 4 एयरक्राफ्ट पार्किंग बे बनाए जाएंगे। यह चरण मुख्य रूप से 19 सीटों वाले छोटे विमानों के संचालन के लिए तैयार होगा।
- फेज 2: दूसरे चरण में रनवे की लंबाई बढ़ाकर 1,700 मीटर की जाएगी, जिससे 42 सीटों वाले ATR एयरक्राफ्ट आसानी से टेक-ऑफ और लैंड कर सकेंगे।
उद्योग और पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
पुरुलिया में रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल पार्क और जंगल सुंदरी इंडस्ट्रियल एस्टेट के समीप होने के कारण इस एयरपोर्ट से भारी उद्योगों को काफी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पड़ोसी राज्य झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ कनेक्टिविटी बेहद आसान हो जाएगी।
इसके अलावा, अयोध्या हिल्स (Ajodhya Hills) समेत पुरुलिया के प्रमुख प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटक स्थलों तक देसी-विदेशी पर्यटकों की पहुँच त्वरित और आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
