संवाद सूत्र, मेदिनीपुर : पश्चिम मेदिनीपुर जिला परिषद में विद्युत विभाग के प्रभारी अमूल्य माईती ने कहा कि अधिकारी एक महीने बगैर वेतन के रहें तो उन्हें संविदा कर्मचारियों की पीड़ा का बखूबी अहसास हो जाएगा। शुक्रवार को मेदिनीपुर स्थित विद्युत भवन में विभागीय कर्मचारियों के मैत्री उत्सव व सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।

मुख्य अतिथि के तौर पर द्वीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अमूल्य माईती ने कहा कि उन्हें शिकायत मिलती है कि संविदा कर्मचारियों को दो-दो महीने तक वेतन नहीं मिलता। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों को लेनी होगी। उन्हें सोचना पड़ेगा कि क्या वे बगैर वेतन के एक महीने काट सकते हैं। यह सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर के कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना जरूरी है। माईती ने विद्युत विभाग के संविदात्मक कर्मचारियों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी शासन नहीं चाहेगा कि उससे जुड़े किसी भी कर्मचारी को वेतन के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़े। निश्चय ही सरकार के सामने भी कई समस्याएं होती हैं, लेकिन हर तरह के कर्मचारियों को समय से वेतन दिए जाने की व्यवस्था तो आखिरकार अधिकारियों को ही करनी है। निश्चय ही इस समस्या के पीछे लापरवाही है। अन्यथा ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न होगी। अलॉटमेंट मांगे जाने में लापरवाही ही इसकी वजह हो सकती है। जो अब सहन नहीं की जाएगी। इसी के साथ जान जोखिम में डाल कर कार्य करने वाले कर्मचारियों का बीमा कराया जाना भी निहायत ही जरूरी है। जिससे खतरे की स्थिति में पीड़ित कर्मचारियों व उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता की गारंटी मिल सके। वे जल्द ही इसकी व्यवस्था करेंगे। सम्मेलन में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में निमाई राय, बलाई दास, अब्दुल काजी, मोहम्मद रफीक, पार्थ सारथी घना आदि शामिल रहे।

Posted By: Jagran

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