संवाद सूत्र, मेदिनीपुर : अध्यात्मिक गुरु ठाकुर अनुकूल चंद्र के 130वें जन्मोत्सव के उपल्यक्ष में रविवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर शहर स्थित सत्संग भवन में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह चार बजे भजन आरती के साथ शुरू हुए धार्मिक कार्यक्रम देर संध्या आरती तक चलते रहे।

सत्संग भवन के उपाचार्य देवल मजूमदार ने कहा कि करीब 250 लोगों ने दीक्षा भी ग्रहण की। करीब पांच हजार लोगों ने अन्नकूट महोत्सव में शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के पाब्ना जिले के हिमइतपुर गांव में अनुकुल चंद्र का जन्म शिवचंद्र चक्रवर्ती (शांडिल्य गोत्र कन्याकुब्ज ब्राह्मण) व मनमोहिनी देवी के घर में हुआ था। संसार में व्याप्त नाना प्रकार के दुखों से मानव समाज को मुक्ति दिलाने के लिए ठाकुर अनुकूल चंद्र ने अध्यात्म का मार्ग चुना और आज देश-विदेश में लाखों लोग उनके अनुयायी बनकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। शिक्षा के प्रसार के लिए उन्होंने तपोवन विद्यालय व कला और विज्ञान के कई कॉलेजों की स्थापना की। उन्होंने विश्वास विज्ञान केंद्र नामक अनुसंधान प्रयोगशाला भी स्थापित की थी। यही नहीं ललित कलाओं को बढ़ावा देने के लिए सत्संग कला केंद्र शुरू किया था।

Posted By: Jagran

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