-सुजापुर के प्लास्टिक विस्फोट कांड में विस्फोटक पदार्थ रखने का आरोप

-कारखाना मालिक के परिवार की ओर से कारखाने को फिर से खुलवाने की अपील

संवाद सूत्र,मालदा: मालदा के सुजापुर इलाके में विगत महीने हुए एक प्लास्टिक कारखाने में विस्फोट के कारण लोगों को आतंक अभी भी कम नहीं हुआ है। इसे लेकर इलाके में उत्तेजना का माहौल है। यह घटना मालदा के कालियाचक थाना के 34 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास सुजापुर इलाके में हुई थी, जिसमें छह लोगों की जान चली गयी थी। फोरेंसिक टीम अभी भी पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना में प्रमिला मंडल(45), जुली बेउआ(35), जुलेखा बीबी(25), आबू साहेद(45) और मुसा शेख(50)की मौत हुई थी। बाद में कारखाने के मालिक की भी मौत हो गई। इस विस्फोट कांड से पूरा इलाका गूंज उठा था। इस मामले में आस-पास के कुछ लोग भी घायल हुए थे। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। गौरतलब है कि इस तरह का विस्फोट विगत महीने जुलाई महीने में एक टोटो में हुई थी। इस विस्फोट कार्ड के बाद पर्यावरण विभाग की ओर से नोटिस दी गयी थी। इस संबंध में मृतक कारखाना मालिक के परिवार के सदस्य ने बताया कि पर्यावरण विभाग से हमें एक नोटिस मिला है। यदि कारखाना बंद हो गया तो कहां जाऊंगा। हम चाहते है कि कारखाना फिर से चालू हो, इसके लिए हमने आवेदन किया है। अन्यथा हम सड़क पर आ जायेंगे। सुजापुर में कई अवैध कारखाने चल रहें है। इलाके में करीब 90 कारखाना है। हमने कारखाने के लिए पंचायत से अनुमति ली हुई थी। तृणमूल के जिला संयोजक दुलाल सरकार ने बताया कि कानून है उसी अनुसार काम किया जाएगा। भाजपा इसे राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।

इस संबंध में भाजपा के उत्तर मालदा के सांसद खगेन मुर्मू ने बताया कि इस तरह की घटना ऐसी नहीं हो जाती। जरूर कारखाने में विस्फोट सामना रखा गया होगा। इस कांड की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से करनी चाहिए। हम चाहते है कि इसकी निष्पक्ष जांच हो।

Edited By: Jagran