-सांसद खगेन मुर्मू ने स्वीकार किया कि निर्माण में घटिया सामग्री का हो रहा था इस्तमाल

-केंद्र सरकार को घटना की करनी होगी उच्च स्तरीय जांच : मौसम नूर

-मृतक के परिजनों को देनी होगी क्षतिपूर्ति : अधीर रंजन चौधरी

संवाद सूत्र, मालदा : निर्माणाधीन द्वितीय फरक्का ब्रिज की परिकल्पना गलत थी। प्रशासन की ओर से कई बार आगाह किया गया था। यही कारण है कि रविवार रात गार्डर वाल के टूटने से दो इंजीनियर श्री निवास राव व सचिन प्रताप सिंह की मौत हो गई। श्री निवास आंध्र प्रदेश व सचिन प्रताप दिल्ली के निवासी थी। मृतक सचिन के पिता बीर सिंह ने बताया कि हमने प्रशासन को कई बार इसके लिए आगाह किया था। बतादें कि इस दुर्घटना में घायल तीन लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। दो कर्मचारियों को कोलकाता में और एक को मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भाजपा सांसद खगेन मुर्मू ने स्वीकार किया कि लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय इसकी जांच करेगी। यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने सोमवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना भी किया और कर्मचारियों से बात की। दूसरी ओर बार्डर वाल गिरने से हुए हादसे को लेकर मालदा की राजनीति गर्म हो गई। केंद्र सरकार की इस परियोजना को लेकर सभी राजनीतिक दल बयानों के तीर छोड़ने शुरू कर दिए है। राज्य के पूर्व मंत्री कृष्णेंदु चौधरी ने बताया कि नये ब्रिज की निर्माण सिंडिकेट लोगों से करवाया जा रहा है। निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तमाल किया जा रहा है। वहीं तृणमूल की जिला अध्यक्षा व पूर्व सांसद मौसम नूर ने कहा कि इस घटना को लेकर केंद्र सरकार को शीघ्र इसकी उच्च स्तरीय जांच करनी चाहिए। दूसरी ओर विधान सभा के विरोधी दल के नेता व बहरमपुर के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि बारिश के कारण ब्रिज का बोर्डर वाल कमजोर हो गया। मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति देना चाहिए। इसके लिए मैं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से बात करूंगा।

जिला पुलिस अधीक्षक अलोक राजोरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

कैप्शन :1. निर्माणाधीन ब्रिज का टूटा हुआ बॉडर वाल

Posted By: Jagran

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