-न्याय में विलंब होने से असहाय पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म

-झूठे मामले में पीड़िता के दो भाइयों को फंसाने का आरोप

संवाद सूत्र, मालदा : दुष्कर्म पीड़िता व उसके परिजनों को लगातार धमकी दी जा रही है। विगत एक फरवरी 2017 को पड़ोस के युवक साइदुर रहमान, ताहिर अली व तोराब अली ने नाबालिग लड़की का अपहरण करके सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपित को गिरफ्तार किया। कोर्ट से तीनों को तीन साल की सजा हुई। इस घटना के बाद पीड़िता ने एक बच्ची को भी जन्म दिया। दोषी युवकों को कुछ दिन पहले जमानत भी मिल गयी। इसके बाद से पीड़िता व उसके परिवार को लगातार धमकी मिल रही है। यहां तक कि पीड़िता के दो भाईयों को झूठे मामले में फंसाया गया। दोषियों को फिर सजा देने व परिवार की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को पीड़िता और उसके परिजनों ने जिला पुलिस अधीक्षक अलोक राजोरिया से मुलाकात की। उनके साथ मालदा के अधिवक्ता व गौड़ बंग मानवाधिकार आयोज के सचिव मृत्युंजय दास भी थे। पूरी बात सुनने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय थाना पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि पीड़िता ने विगत 25 जनवरी को तीनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। बाद में आरोपितों ने पीड़िता के दोनों भाईयों को झूठे मामले में फंसा दिया। पीड़िता ने बताया कि मुझे संतान के पिता का अधिकार चाहिए। हमें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके कारण हम अपने घर में शांति से नहीं रह पा रहें है। बतादें कि पीड़िता का अभी डीएनए टेस्ट नहीं हुआ है, जिसके कारण उसके पिता की पहचान नहीं हो पाई है। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हम पूरे मामले की जांच कर रहें है।

Posted By: Jagran

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