संवाद सूत्र, मालदा : लड़कियां अपने दम जहां लोहा मनवा रही है। इसके बावजूद बेटियों के जन्म से अभी भी कुछ घरों में उदासी छा जाती है। उसे गर्भ में मार दिया जाता है या कूड़े के ढेर में कचरा समझकर फेंक दिया था। गुरुवार को अहले सुबह हबीबपुर थाना के बुलबुलचंडी ग्राम पंचायत के साहापाड़ा इलाके में कचरे के ढेर में नवजात बच्ची के रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग उठ गए। नियम के अनुसार ग्रामीणों ने बच्ची को पहले ग्रामीण अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया। इसके बाद उसे मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल से रेफर किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ पार्थ प्रतिम मुखर्ती ने बताया कि बुलबुलचंडी ग्रामीण अस्पताल में नवजात बच्ची का स्वास्थ्य जांच किया गया। बच्ची स्वस्थ्य है। उसे एसएनसीयू विभाग में रखा गया है। फिलहाल प्रसूती महिलाओं के द्वारा नवजात को स्तन पान करवाया जा रहा है। बाद में बच्ची को बेबी फूड दिया जाएगा। एक साल होने के बाद उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया जाएगा।

कैप्शन : नवजात बच्ची को गोद में लेकर प्रसन्न मुद्रा में नर्स

Posted By: Jagran

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