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'मैं ममता को दोबारा चुनाव लड़ते नहीं देखना चाहता था', भवानीपुर सीट चुनने की CM शुभेंदु ने बताई वजह

Published: Wed, 28 Oct 2026 04:56 PM (IST)Updated: Wed, 28 Oct 2026 05:01 PM (IST)

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि उन्होंने भवानीपुर सीट क्यों रखी और नंदीग्राम क्यों छोड़ी, ताकि ममता बनर्जी को विधानसभा में लौटने का मौका न मिले।

ममता बनर्जी को लेकर शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान।

ममता बनर्जी को लेकर शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान।

HighLights

  1. ममता बनर्जी को विधानसभा में लौटने से रोकने के लिए सीट छोड़ी।

  2. शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव न लड़ने की सलाह दी।

  3. चंद्रनाथ रथ की हत्या को मुख्यमंत्री ने सुपारी किलिंग बताया।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर गर्माहट तेज है। इसी बीच राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को एक बड़ा बयान देते हुए इस बात का खुलासा किया कि उन्होंने नंदीग्राम सीट क्यों छोड़ी और भवानीपुर सीट को अपने पास क्यों बरकरार रखा?

अपने बयान में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर वह भवानीपुर सीट खाली छोड़ देते, तो उनकी पूर्ववर्ती ममता बनर्जी को उपचुनाव लड़ने और दोबारा विधानसभा में लौटने का मौका मिल जाता।

'मैं नहीं चाहता था...'

सीएम शुभेंदु ने आगे कहा कि मैं ममता बनर्जी को यह मौका नहीं देना चाहता था। मैंने उन्हें भवानीपुर में हराया है और मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे अब चुनाव न लड़ें। 

सीएम शुभेंदु ने साफ-साफ लहजे में पूर्व सीएम ममता बनर्जी से कहा कि आप 75 वर्ष की आयु पार कर चुकी हैं, अब चुनावी मैदान में उतरने की कोई जरूरत नहीं है, आपको घर पर आराम करना चाहिए।

नंदीग्राम और भवानीपुर का चुनावी समीकरण

बता दें कि शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराया था, जबकि इससे पहले 2021 के चुनावों में भी उन्होंने नंदीग्राम में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था, जिसके बाद ममता ने भवानीपुर से उपचुनाव जीतकर वापसी की थी। इस बार अधिकारी ने भवानीपुर अपने पास रखा और नंदीग्राम सीट छोड़ दी।

नंदीग्राम की जनता को भरोसा

अपने बयान में शुभेंदु अधिकारी ने माना कि उनके नंदीग्राम छोड़ने से वहां के लोग थोड़े नाराज या उदास थे, लेकिन उन्होंने जनता को समझा दिया है कि उन्होंने यह फैसला क्यों लिया?

नंदीग्राम उपचुनाव में भारी मतों से जीतीं नई भाजपा विधायक हसिराणी रथ का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वे अपने सारे वादे उनके जरिए पूरे करेंगे। सनद रहे कि हसिराणी रथ, अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ की माता हैं, जिनकी चुनाव परिणामों के बाद मई में हत्या कर दी गई थी।

सुपारी किलिंग और गंभीर आरोप

इसके अलावा अपने दिवंगत करीबी चंद्रनाथ रथ की हत्या पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने इसे सुपारी किलिंग करार दिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन असली जांच तब पूरी होगी जब यह पता चलेगा कि इस हत्या के लिए दी गई 2 करोड़ रुपये की 'सुपारी' का पैसा कहां से आया था...कैमैक स्ट्रीट, कालीघाट या डायमंड हार्बर से?