कोलकाता, राज्य ब्यूरो। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कोयला के अवैध खनन व तस्करी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। न्यायालय ने सोमवार को अभिषेक की याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को कोई भी कड़ी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि तृणमूल महासचिव विदेश यात्रा पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वे विदेश जा सकते हैं। इससे पहले शुक्रवार को ही जब ईडी ने तलब किया था तो उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल नेता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। यही नहीं ममता के सांसद भतीजे ने इलाज के लिए विदेश जाने की सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मांगी थी। वह अपने इलाज के लिए दुबई जाना चाहते है। उनके अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विदेश जाने की अनुमति दे दी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को निर्देश दिया था कि वे अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी रूजिरा को दिल्ली नहीं बल्कि कोलकाता में ही पूछताछ करें। क्योंकि ईडी ने दोनों को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। हालांकि, कोर्ट ने आगे यह भी कहा था कि पूछताछ के दौरान स्टेट मशीनरी का किसी भी तरह से दुरुपयोग न हो। अगर ऐसा हुआ, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में ईडी अभिषेक बनर्जी से अब तक दो बार पूछताछ कर चुकी है। ईडी का दावा है कि इस मामले में रुपये उनतक भी पहुंचे हैं।  हालांकि, अभिषेक सभी आरोपों से इन्कार करते हुए आ रहे हैं।

बताते चलें कि ईडी ने सीबीआइ द्वारा नवंबर 2020 में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन रोकथाम कानून, 2002 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें आसनसोल और उसके आसपास के कुनुस्तोरिया तथा कजोरा इलाकों में ‘ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड’ की खदानों से संबंधित सैकड़ों करोड़ रुपये के कोयला तस्करी का आरोप है।

इस मामले में स्थानीय कोयला माफिया अनूप माजी उर्फ लाला मुख्य सरगना बताया जा रहा है। जांच एजेंसी को जांच में कुछ ऐसे दस्तावेज व सबूत हाथ लगे हैं कि जिसमें कोयला तस्करी से हुई कमाई की बड़ी राशि लंदन और थाईलैंड भेजी गई थी और जिस बैंक खातों में रुपये पहुंचे हैं उसका संबंध अभिषेक बनर्जी की पत्नी और साली से होने की बातें कही जा रही है।

Edited By: Sumita Jaiswal

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