कोलकाता, जागरण संवाददाता। वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीबीएसई) ने कक्षा 10वीं की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। शनिवार को डब्ल्यूबीबीएसई की ओर से जारी एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई।

अधिसूचना के मुताबिक शनिवार को वर्ष 2020 माध्यमिक परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया है। संबंधित स्कूलों के प्रधाध्यापकों को वितरण केंद्र से प्रवेश पत्र एकत्र का निर्देश दिया गया है। छात्र अपना प्रवेश पत्र डब्ल्यूबीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय या स्कूल से प्राप्त कर सकते हैं।

अगर प्रवेश पत्र में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी दिखती है तो 15 फरवरी से पहले बताना होगा। पिछले वर्ष माध्यमिक परीक्षा के लिए 02 फरवरी को प्रवेश पत्र जारी किया गया था। इधर, जिला कलेक्टर ने कोलकाता के प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान के प्रधानाध्यापकों को माध्यमिक परीक्षा में पर्यवेक्षकों के लिए अपेक्षित बेंच और फर्नीचर प्रदान करने और परीक्षा के सुचारू संचालन का निर्देश दिया है। बता दें कि इस वर्ष पश्चिम बंगाल माध्यमिक परीक्षा की शुरुआत 18 फरवरी से होगी, जो 27 फरवरी तक चलेगी।

वेस्ट बंगाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (डब्ल्यूबीबीएसई) ने कक्षा 10वीं की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। शनिवार को डब्ल्यूबीबीएसई की ओर से जारी एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई।

माध्यमिक परीक्षा 2020

18 फरवरी - मंगलवार- पहली भाषा

19 फरवरी - बुधवार - दूसरी भाषा

20 फरवरी - गुरुवार - भूगोल

22 फरवरी - शनिवार - इतिहास

24 फरवरी - सोमवार - गणित

25 फरवरी -मंगलवार-भौतिक विज्ञान

26 फरवरी - बुधवार- जीव विज्ञान

27 फरवरी - गुरुवार - वैकल्पिक 

शोध प्रवेश परीक्षा में अव्वल हुई मजदूरनी की बिटिया

पारिवारिक और शारीरिक कष्टों को दरकिनार कर एक गरीब बाला ने रायगंज विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शोध कार्य (पी एच डी) की प्रवेश परीक्षा में अव्वल स्थान पाकर सबको चौंका दिया है। सर्वोच्च शिक्षा पाने की उसकी ज़ज्बा ने सारी विघ्न बाधाओं को परास्त कर दिया और वह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा की प्रतिमूर्ति बन गई। उल्लेखनीय है कि उत्तर दिनाजपुर जिला के चाकुलिया के ठेठ देहात बिहेरिया गाँव की रहने वाली शहरबानू खातून जब छोटी थी तभी उसके पिता की अकाल मृत्यु हो गई। पांच भाई-बहनों में वह सबसे छोटी है। उसका एक बड़ा भाई लंबे अरसे से मानसिक रोग से ग्रसित है और एक बड़ा भाई अन्यत्र रहता है।

बड़ी बहन फरजाना खातून के प्रोत्साहन से वह अपनी पढ़ाई जारी रखी और 2010 में 70 फीसदी अंकों के साथ माध्यमिक उत्तीर्ण की। अर्थाभाव के चलते विज्ञान संकाय में पढ़ने की दिली ख्वाहिश से समझौता कर घर से 12 किलोमीटर दूर कानकी श्री जैन विद्यामंदिर उच्चविद्यालय में कला संकाय में ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला ली। लेकिन दुर्भाग्य ने उसका यहाँ भी साथ नहीं छोड़ा और स्कूल से घर वापसी के समय यात्रिक वैन दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी हो गई। इस दुर्घटना में उसके शरीर का 60 फीसदी हिस्सा झुलस गया जिसके चलते एक वर्ष तक उसे अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। अस्वस्थ हालत में भी वह स्वाध्याय से अपनी पढ़ाई जारी रखी तथा 2012 के उच्च माध्यमिक परिक्षा में उसने 75 फीसदी अंक सफलता हासिल की। इसके बाद इस्लामपुर कॉलेज से 2015 में अंग्रेजी विषय में ऑनर्स के साथ प्रथम श्रेणी में स्नातक और 2017 में मालदा गौड़ बंग विश्वविद्यालय से अच्छे अंकों में स्नातकोत्तर की परीक्षा पास की। विपन्नता और बाधाओं से ग्रसित होने के बावजूद वह यहीं नहीं थमी और अपनी मेधा को उत्क्त्रमित करने की दिशा में आगे बढ़ती गई। इसी क्रम में वह शोध करने की जिद ठान ली। रायगंज विश्वविद्यालय द्वारा 2020 के शिक्षा सत्र के लिए आयोजित पी एच डी, प्रवेशिका परिक्षा में अपने विषय में सर्वोच्च स्थान पाकर वह सबको अचंभित कर दिया। लेकिन यह उसके संकट का अवसान पहर नहीं ह।. शोधकार्य संपन्न करने के लिए अर्थ की जरूरत है जो उसके पास नहीं है। इस विकट की घड़ी में जब वह इस मुकाम पर पहुंची, उसकी बड़ी बहन, स्कूल के शिक्षक और कई शुभाकाक्षी उसके साथ खड़े होने का आश्वासन दिए है। यहाँ तक कि चाकुलिया बीडीओ कन्हैयाकुमार खुद उसके घर जाकर बधाई दी और हर संभव मदद करने का भरोसा दिया। शहरबानू शोधकार्य पूरा कर कॉलेज की अध्यापिका बनना चाहती है। प्रदेश के मंत्री गोलाम रब्बानी ने बताया कि शहरबानू को उसकी सुंदर भविष्य की शुभकामना देते हुए यथा साध्य मदद करने को प्रस्तुत है। 

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