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बंगाल के सरकारी स्कूलों में फिर लौटेगा पुराना ड्रेस कोड, नीली-सफेद यूनिफॉर्म नीति बदलने की तैयारी तेज

Published: Sun, 12 Jul 2026 10:51 PM (IST)

बंगाल सरकार सरकारी स्कूलों की यूनिफार्म बदलने की तैयारी में है, जिसके लिए जिलावार सर्वे शुरू हो गया है। 2027 ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. बंगाल सरकार सरकारी स्कूलों की यूनिफार्म बदलने की तैयारी में।

  2. जिलावार सर्वे शुरू, 15 दिनों में रिपोर्ट जमा करनी होगी।

  3. 2027 से पुरानी, विशिष्ट स्कूल यूनिफार्म वापस लाने की योजना।

राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल सरकार सरकारी स्कूलों का यूनिफार्म बदलने की तैयारी कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे 2022 शैक्षणिक सत्र से पहले सरकारी स्कूलों में प्रचलित यूनिफार्म का जिलावार सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करें। रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर विभाग में जमा करनी होगी।

सूत्रों के अनुसार 2027 शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में नई यूनिफार्म शुरू करने की योजना है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। सभी सरकारी स्कूलों के लिए लागू एक समान नीली-सफेद यूनिफार्म नीति को समाप्त कर स्कूलों की पुरानी और अलग पहचान वाली यूनिफार्म वापस लाई जाएगी। इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

स्कूलों से मांगी गई ये जानकारियां

स्कूलों से यूनिफार्म के पसंदीदा रंग, स्कूल में छात्रों की संख्या और अन्य आवश्यक जानकारियां मांगी गई हैं। राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा कि प्रत्येक स्कूल की अपनी यूनिफार्म केवल उसकी परंपरा नहीं होती, बल्कि छात्रों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। पहले यूनिफार्म देखकर आसानी से पता चल जाता था कि छात्र किस स्कूल का है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में नीली-सफेद यूनिफर्म की आपूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ और निम्न गुणवत्ता का कपड़ा उपलब्ध कराया गया। वहीं, बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि पहले नीला-सफेद रंग पसंद होने के कारण यूनिफार्म बदली गई थी। अब यदि किसी दूसरे रंग को राजनीतिक आधार पर चुना जाता है तो उस पर भी सवाल उठेंगे।

गौरतलब है कि 2011 में तृणमूल कांग्रेस के बंगाल की सत्ता में आने के बाद सरकारी स्कूलों की यूनिफार्म बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 2022 के बाद अधिकांश सरकारी स्कूलों में नीली-सफेद रंग की यूनिफार्म लागू की गई और स्कूलों के पारंपरिक बैज की जगह विश्व बांग्ला का लोगो लगाया गया। उस समय कई स्कूलों ने इस बदलाव पर आपत्ति भी जताई थी। अब नई सरकार पुराने ड्रेस कोड को फिर से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाती दिखाई दे रही है।