कोलकाता, एजेंसी। पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सबसे आगे चल रही है, जबकि भाजपा दूसरे नंबर पर है। प्राप्त परिणामों और रझान के अनुसार, 14 मई को जिन 20 जिलों में जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव हुए थे, लगभग उन सभी में तृणमूल ने खासी बढ़त बना ली है।
गुरुवार को दिन के 12 बजे तक राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, टीएमसी 2,467 ग्राम पंचायत सीटें जीत चुकी है और 2,683 सीटों पर आगे चल रही है। जबकि भाजपा और माकपा क्रमश: 386 तथा 94 ग्राम पंचायत सीटों पर विजयी हुई हैं। कांग्रेस महज 33 सीटें मिल पाई है और 55 पर आगे थी। वहीं, 158 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं। 
एसइसी की ओर से बताया जा रहा है कि पूर्व मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पूर्व बद्र्धमान, पश्चिम बद्र्धमान, वीरभूम, कूचबिहार, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, नदिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और हावड़ा में तृणमूल विपक्षी दलों से आगे चल रही है। 

14 मई को एक चरण में राज्य के जिला परिषद की 621, पंचायत समिति की 6123, ग्राम पंचायत की 31802 सीटों के लिए चुनाव कराए गए थे। वहीं 572 सीटों पर बुधवार को पुनर्मतदान हुआ था। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हुगली, उत्तर व दक्षिण दिनाजपुर जिलों में तृणमूल विपक्षी दलों से आगे निकलती दिखाई दे रही है। कुछ जगहों पर भाजपा तो कहीं माकपा के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। 

मालूम हो कि मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल और भाजपा के बीच है। वामदल तीसरी शक्ति के रूप में मौजूद है। कांग्रेस भी इस होड़ में शामिल है। इससे पहले, सोमवार को हुई वोटिंग के दौरान राज्य के कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हुई थी। जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। मतगणना को लेकर भी विपक्षी दल कई जगह अपने काउंटिंग एजेंटों को मतगणना केंद्र में नहीं बैठने देने का आरोप लगा रहे हैं। राज्य निर्वाचन कमीशन के आदेशों से इतर कई जगह मतगणना विलंब से शुरू होने की खबर आ रही है।

कई जगह निर्विरोध चुने जा चुके हैं तृणमूल के उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल पंचायत  चुनाव में 48,650 ग्राम पंचायत में से 11,520 सीटों पर तृणमूल के प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध  चुने जा चुके हैं। इसी तरह 9,217 पंचायत समिति की सीटों में से 2,059 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस के नेता बिना चुनाव लड़े जीत चुके हैं तो वहीं 825 जिला परिषद की सीटों में 93 पर ममता बनर्जी की पार्टी के नेता निर्विरोध जीत चुके हैं यह  वे सीटें हैं जहां विपक्षी दलों ने उम्मीदवार ही खड़ा नहीं किया था।

मतगणना के लिए है विशेष तैयारी

चुनाव के दिन हुई भारी हिंसा के मद्देनजर गुरुवार सुबह त्रिस्तरीय सुरक्षा के बीच साढ़े सात बजे स्ट्रांग रूम खुला और मतगणना सुबह आठ बजे से शुरू हुई। मतगणना को लेकर राज्य चुनाव आयोग ने कुछ विशेष तैयारी की है। इस बार मतगणना केंद्र पर पहले ग्राम पंचायतों के सीटों के लिए मतों की गिनती होगी इसके बाद पंचायत समिति और आखिरी में जिला परिषद के लिए मतों की गिनती होगी। मतगणना केंद्र पर मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी और मतगणना की वीडियोग्राफी की जा रही है। चुनाव नतीजे घोषित होने से पहले विजय जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगा रखा है। 

तृणमूल की बढ़त बरकरार 

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले अंतिम सबसे बड़े मतदान पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव की गिनती जारी है। राज्य के 20 जिलों के लिए 291 मतदान केंद्रों पर मतगणना जारी है। राज्य चुनाव आयोग (एसइसी) के निर्देशानुसार मतगणना केंद्र पर पहले ग्राम पंचायतों के सीटों के लिए मतों की गिनती हो रही है। इसके बाद पंचायत समिति और आखिरी में जिला परिषद के लिए मतों की गिनती होनी है।

सुबह आठ बजे से मतों की गिनती जारी 

वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो चुकी है। 14 मई को एक चरण में राज्य के जिला परिषद की 621, पंचायत समिति की 6123, ग्र्राम पंचायत की 31802 सीटों के लिए चुनाव कराए गए थे। वहीं 572 सीटों पर बुधवार को पुनर्मतदान हुआ था। मालूम हो कि मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल और भाजपा के बीच है। वामदल तीसरी शक्ति के रूप में मौजूद है। कांग्रेस भी इस होड़ में शामिल है।  

कुछ जगह देर से शुरू हुई मतगणना 

सोमवार को हुई वोटिंग के दौरान राज्य के कई इलाकों में हिंसक घटनाएं हुई थी, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। मतगणना को लेकर भी विपक्षी दल कई जगह अपने काउंटिंग एजेंटों को मतगणना केंद्र में नहीं बैठने देने का आरोप लगा रहे हैं। कुछ जगहों पर विपक्ष ने मतगणना का बहिष्कार किया है। राज्य निर्वाचन कमीशन के आदेशों से इतर कई जगह मतगणना विलंब से शुरू होने की खबर आ रही है।

By Preeti jha