कोलकाता, जागरण संवाददाता। राज्य की सामाजिक व धार्मिक स्थिति के साथ ही धार्मिक संस्थानों के भविष्य पर चर्चा और रोडमैप तैयार करने को इस माह 300 से अधिक हिंदू धर्मगुरु कोलकाता में वार्षिक धर्माचार्य सम्मेलन में शामिल होंगे और इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के दक्षिण बंगाल राज्य मार्गदशक मंडली द्वारा किया जा रहा है।

बताया गया कि आगामी 13 दिसंबर को कोलकाता में आयोजित होने वाले वार्षिक धर्माचार्य सम्मेलन में राज्य की मौजूदा स्थिति के साथ ही धर्म संबद्ध मसलों पर भी विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें देशभर से 300 से अधिक हिंदू धर्मगुरु शामिल होंगे। बागबाजार गौड़ीय मिशन में आगामी 13 दिसंबर को आयोजित होने जा रहे इस वार्षिक धर्माचार्य सम्मेलन में लंबे इंतजार के बाद अयोध्या मसले पर आए ऐतिहासिक फैसले की पृष्ठभूमि पर भी चर्चा होने की बात कही गई।

उक्त आयोजन को लेकर मीडिया कर्मियों से मुखातिब हुए विहिप के राज्य प्रवक्ता ने बताया कि अयोध्या मामले पर आए सकारात्मक फैसले के बाद से ही देश का माहौल खुशनुमा है। इस बैठक में फैसले के बाद भारत में व्याप्त अनुकूल माहौल पर भी विचार-विमर्श होगा। इसमें 300 से अधिक द्रष्टाओं व हिंदू धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा सम्मेलन में बंगाल की सामाजिक स्थिति और हिंदू धार्मिक संस्थानों और नेताओं पर हमलों पर भी चर्चा होगी।

विहिप प्रवक्ता ने दावा किया कि राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में हिंदुओं की संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। इन्हीं सभी समस्याओं के बीच प्रतिभागी धर्म की रक्षा व भविष्य को ले एक रोडमैप तैयार करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन में विहिप के अखिल भारतीय धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी विशिष्ट अतिथि होंगे। 

Posted By: Preeti jha

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