बंगाल: नाबालिग से तस्करी और देह व्यापार मामले में 4 को उम्रकैद, 1 को 10 साल की सजा
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में 2019 के नाबालिग तस्करी और देह व्यापार मामले में अदालत ने पांच दोषियों को सजा सुनाई है।

नाबालिग से तस्करी और देह व्यापार मामले में 4 को उम्रकैद।
HighLights
नाबालिग तस्करी और देह व्यापार मामले में पांच दोषी करार।
चार आरोपितों को आजीवन कारावास, एक को दस साल की कैद।
दक्षिण 24 परगना में 2019 की घटना, CID ने की जांच।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के दक्षिण 24 परगना में 2019 में 17 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर दिल्ली ले जाने और तस्करी करने के मामले में अदालत ने पांच आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
मिर्जा मोल्ला, शाखेर लस्कर, अंजुरा बेगम और सोमनाथ दास को आजीवन सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। वहीं, माफुजा सरदार को 10 साल की सश्रम कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया गया।
घटना 12 जुलाई 2019 की है। दक्षिण 24 परगना के बासंती थाना क्षेत्र के रामचंद्रखाली गांव की रहने वाली नाबालिग कैनिंग के तालदी इलाके में गई थी। आरोप है कि उसके चाचा माफुजा सरदार ने शादी का झांसा देकर उसे अपने साथ ले गया और बाद में मिर्जा मोल्ला तथा शाखेर लस्कर के हवाले कर दिया।
नाबालिग के बयान के अनुसार, दोनों उसे ट्रेन से कैनिंग से सियालदह और फिर दिल्ली ले गए। वहां मिर्जा ने उसे अंजुरा बेगम और सोमनाथ दास को सौंप दिया। आरोप था कि नाबालिग को दिल्ली ले जाकर देह व्यापार के लिए बेच दिया गया था।
सीआईडी ने की जांच, 11 गवाहों ने दी गवाही
बेटी के लापता होने के बाद पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पहले बासंती थाना पुलिस ने जांच शुरू की, बाद में जांच कैनिंग थाने को सौंपी गई। इसके बाद सीआईडी ने जांच अपने हाथ में ली और अक्टूबर 2019 में नाबालिग को बरामद किया। जांच के दौरान पांचों आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
मामले में पोक्सो के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 22 सितंबर 2021 को आरोपितों के खिलाफ आरोप तय हुए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के 11 गवाहों ने गवाही दी। उपलब्ध गवाही, दस्तावेज और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पांचों को दोषी ठहराया।
