राज्य ब्यूरो, कोलकाता : आपित्तजनक बयान को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव प्रचार पर हाल में 24 घंटे की रोक लगाए जाने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के प्रचार पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में तृणमूल के चार सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात कर दो पन्ने का ज्ञापन सौंपा। मुलाकात के बाद तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने पत्रकारों से कहा कि पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह बंगाल में अपनी चुनावी रैलियों के दौरान लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं, इसीलिए हमने आयोग से उनके भाषणों पर भी तुरंत रोक लगाने की मांग की है।

तृणमूल ने अपने ज्ञापन में पीएम मोदी और शाह के चुनाव प्रचार के दौरान कुछ बयानों का भी उल्लेख किया है जिसमें आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इसके साथ ही टीएमसी ने आयोग पर निष्पक्ष ढंग से काम न करने और भाजपा की शिकायतों पर कार्रवाई के दौरान पक्षपातपूर्ण दृष्किोण रखने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर प्रतिबंध लगा दिया लेकिन भाजपा नेताओं के आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर उसकी शिकायत पर इस तरह का कोई एक्शन नहीं लिया गया।

पत्र में कहा गया है कि संविधान में निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र और तटस्थ निकाय के रूप में परिकल्पना की गई है। लेकिन, इस विधानसभा चुनाव के दौरान स्पष्ट है कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण तरीके से पूरी तरह भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। पार्टी को विश्वास है कि बंगाल के लोग टीएमसी के पक्ष में वोट देकर निर्वाचन आयोग के इस गैरकानूनी कृत्य का उचित जवाब देंगे।

आयोग से निष्पक्षता दिखाने का किया आग्रह

पत्र में कहा गया है हम चुनाव आयोग से उनके दृष्टिकोण में थोड़ी निष्पक्षता दिखाने का आग्रह करते हैं। वर्तमान में उनके कार्य सभी निष्पक्षता से रहित हैं। हम आयोग से बंगाल में चल रहे चुनावों के अंतिम चार चरणों में एक समान स्तरीय मैदान सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं। प्रतिनिधिमंडल में सांसद कल्याण बनर्जी के अलावा राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन, शांतनु सेन एवं सांसद प्रतिमा मंडल शामिल थे।

बता दें कि चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के मुस्लिमों से एकजुट होकर पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील वाले बयान को लेकर सोमवार रात आठ से मंगलवार रात आठ बजे तक 24 घंटे के लिए उनके प्रचार पर रोक लगा दी थी। ममता ने आयोग के इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को कोलकाता में तीन घंटे तक धरना भी दिया था।

Edited By: Vijay Kumar