पश्चिम बंगाल: प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई तदर्थ समितियां गठित
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्डों में नई तदर्थ समितियों का गठन किया गया है। रविरंजन सेन को ...और पढ़ें

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई तदर्थ समितियां गठित (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
शिक्षा बोर्डों में नई तदर्थ समितियों का गठन।
रविरंजन सेन प्राथमिक, लालू दास माध्यमिक बोर्ड अध्यक्ष।
समितियों का लक्ष्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य सरकार ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नई तदर्थ समितियों का गठन किया है। पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी कटवा कालेज के इतिहास के सहायक प्राध्यापक रविरंजन सेन को सौंपी गई है।
वहीं, बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का अध्यक्ष विधानचंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के डीन प्रोफेसर लालू दास को बनाया गया है। दोनों बोर्डों में नए सदस्यों को भी मनोनीत किया गया है।
नई समिति में कुल 12 सदस्य
प्राथमिक शिक्षा बोर्ड की नई समिति में कुल 12 सदस्य हैं। इनमें दक्षिण दिनाजपुर के तपन के विधायक बुद्धराय टुडू, कोलकाता के विद्यासागर कालेज फार विमेन के सहायक प्राध्यापक सौमन अधिकारी, हावड़ा के अमता स्थित स्कूल के प्रधान शिक्षक पिंटू पाड़ुई, पूर्व बर्द्धमान के प्रधान शिक्षक दीपक मंडल और सहायक शिक्षिका इंद्राणी कुंडू शामिल हैं।
एक साल का होगा समिति का कार्यकाल
अधिसूचना के अनुसार, समिति का कार्यकाल एक साल होगा। अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद रविरंजन सेन ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के महासचिव की जिम्मेदारी उत्तर 24 परगना के हिंगलगंज महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक नीलाद्रिशेखर सिंह को दी गई है। समिति के अन्य सदस्यों में कोलकाता के शांतिसंघ विद्यालय फार गर्ल्स की प्रधान शिक्षिका सुष्मिता मंडल, दक्षिण 24 परगना के खाड़ापाड़ा हाई स्कूल के सहायक शिक्षक विधान गायेन, मालदा के चरसुजापुर हाई स्कूल के सहायक प्रधान शिक्षक उज्ज्वलकुमार तालुकदार और कोलकाता के हेयर स्कूल के सहायक शिक्षक आशीषकुमार सिंह शामिल हैं।
अधिसूचना के मुताबिक, समिति 12 अक्टूबर 2027 तक काम करेगी। हालांकि, इससे पहले राज्य सरकार कोई दूसरा निर्देश जारी करती है तो वह प्रभावी होगा।
सत्ता बदलते ही पिछली समितियां भंग
सत्ता परिवर्तन के बाद पिछली प्रशासनिक समितियों को भंग कर दिया गया था। उस समय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष रामानुज गंगोपाध्याय ने पद छोड़ दिया था। अब अंतरिम व्यवस्था के तहत लालू दास को अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने और वंचित तबकों तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की बात कही है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
इस बीच, बंगीय शिक्षक व शिक्षाकर्मी समिति के महासचिव स्वपन मंडल ने दोनों बोर्डों में चुनाव कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पिछली तृणमूल सरकार के 15 वर्षों के दौरान चुनाव के बजाय तदर्थ समितियों के जरिए बोर्ड चलाए गए, जिससे स्वायत्त संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हुई। वहीं, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (स्कूल शिक्षा) के महासचिव बापी प्रामाणिक ने नई नियुक्तियों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
