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बंगाल: त्योहार में चीनी की 'मिठास' नहीं होगी कम, थोक बाजार में अधिकतम भाव 50 रुपये तय

Published: Wed, 16 Sep 2026 02:21 PM (IST)

बंगाल सरकार ने त्योहारों के मौसम में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए थोक बाजार में इसका अधिकतम भाव 50 रुपये प्रति किलो तय किया है।

बंगाल में चीनी की कीमतें तय।

बंगाल में चीनी की कीमतें तय।

HighLights

  1. बंगाल सरकार ने थोक चीनी का भाव 50 रुपये/किलो तय किया।

  2. खुदरा बाजार में चीनी 53-55 रुपये/किलो तक आने की उम्मीद।

  3. दुर्गा पूजा से पहले सुफल बांग्ला स्टालों पर चीनी उपलब्ध होगी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। त्योहारों के मौसम में चीनी की बढ़ती कीमत पर लगाम लगाने के लिए बंगाल सरकार ने थोक बाजार में इसका अधिकतम भाव 50 रुपये प्रति किलो तय कर दिया है।

राज्य के कृषि विपणन विभाग के अनुसार, इस फैसले का असर अगले सात दिनों में खुदरा बाजारों में दिखने लगेगा और चीनी की कीमत 53-55 रुपये प्रति किलो तक आने की उम्मीद है। दुर्गा पूजा से पहले राज्य सरकार द्वारा संचालित सुफल बांग्ला स्टालों पर भी चीनी उचित मूल्य पर उपलब्ध कराई जाएगी।

मालूम हो कि पिछले कुछ माह से देशभर में चीनी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही थी और खुदरा बाजार में यह करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। इससे आम परिवारों के बजट के साथ-साथ मिठाई की कीमतों पर भी असर पड़ा है।

विभाग ने की तीन-तीन बैठकें

कृषि विपणन विभाग ने कीमत नियंत्रित करने के लिए बड़ाबाजार के पोस्ता बाजार मर्चेंट्स एसोसिएशन के साथ तीन, पांच और 11 सितंबर को बैठक की। बैठकों में बाजार में चीनी की आपूर्ति सामान्य रखने और अनावश्यक मूल्य वृद्धि रोकने पर चर्चा हुई।

अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित 50 रुपये किलो का थोक भाव कम से कम अगले तीन महीने तक, यानी दुर्गा पूजा और त्योहारों के पूरे मौसम में, बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।

कारोबारियों को आपूर्ति व्यवस्था में परेशानी न हो, इसके लिए राज्य सरकार लाजिस्टिक सहायता भी देगी। डानकुनी रेक प्वाइंट से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी विनियमित बाजार समितियों के गोदामों में चीनी उतारने की अनुमति दी गई है। इसके बाद चीनी की बिक्री सुफल बांग्ला स्टालों और विनियमित बाजार समितियों के माध्यम से भी की जाएगी।

प्याज की कीमत पर भी बाजारों में निगरानी

कृषि विपणन विभाग के अधिकारी नियमित रूप से बाजारों का निरीक्षण कर थोक और खुदरा कीमतों पर नजर रखेंगे। इसका उद्देश्य कहीं भी कृत्रिम रूप से कीमत बढ़ाए जाने की स्थिति को रोकना है। विभाग का कहना है कि निर्धारित भाव का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए निगरानी जारी रहेगी।
इधर, प्याज की बढ़ती कीमत को नियंत्रित करने के लिए भी सरकार ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।

मंगलवार को खुदरा बाजार में प्याज 65-70 रुपये किलो तक बिका। कीमत पर नियंत्रण के लिए राज्यभर के विभिन्न बाजारों में प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों की ओर से नियमित निगरानी की जाएगी। दीर्घकालिक समाधान के लिए राज्य में प्याज के भंडारण के लिए 10 कोल्ड स्टोरेज खोलने की योजना भी बनाई गई है।

कृषि विपणन मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में अधिक बारिश के कारण चीनी की कीमत में वृद्धि हुई है। राज्य सरकार ने इसी परिस्थिति को देखते हुए बाजार में हस्तक्षेप कर कीमत नियंत्रित करने और आपूर्ति सामान्य रखने का फैसला किया है।