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बंगाल उपचुनाव: नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव में वाममोर्चा की उम्मीदें टूटी, 10 हजार से भी कम वोट मिले

Published: Sun, 11 Oct 2026 07:12 PM (IST)

वाममोर्चा को नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनावों में निराशा हाथ लगी है, जहां उन्हें कुल 10 हजार से भी कम वोट मिले।

वाममोर्चा को नंदीग्राम-रेजीनगर में 10 हजार वोट भी नहीं मिले।

वाममोर्चा को नंदीग्राम-रेजीनगर में 10 हजार वोट भी नहीं मिले।

HighLights

  1. नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव में वाममोर्चा को मिले मात्र 9,576 वोट।

  2. फलता में जगी उम्मीदों पर उपचुनाव के नतीजों ने फेरा पानी।

  3. माकपा ने पुलिस की मदद से धांधली का आरोप लगाया।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की नंदीग्राम व रेजीनगर विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने वामपंथी दलों के सामने अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की चुनौती को फिर उजागर किया है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दोनों सीटों पर वामपंथी प्रत्याशियों को मात्र 9,576 वोट मिले हैं। नंदीग्राम में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रत्याशी शांतिगोपाल गिरि को 5,779 वोट मिले। वहीं, रेजीनगर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रत्याशी मोहम्मद सईद की झोली में केवल 3,797 वोट आए।

वाममोर्चा को नंदीग्राम-रेजीनगर में 10 हजार वोट भी नहीं मिले

नंदीग्राम में भाकपा तीसरे और रेजीनगर में माकपा पांचवें स्थान पर रही। फलता विधानसभा उपचुनाव में दूसरे स्थान पर पहुंचने के बाद वामपंथी खेमे में उम्मीद जगी थी कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद विपक्षी राजनीति में बनी खाली जगह को वह भर सकता है।

लंबे समय से चुनावी राजनीति में कमजोर प्रदर्शन कर रहे वामपंथी दलों को लगा था कि तृणमूल कांग्रेस के कमजोर होने से उन्हें अपना जनाधार वापस पाने का अवसर मिलेगा लेकिन नंदीग्राम और रेजीनगर के नतीजों ने इस उम्मीद पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधानसभा उपचुनाव में हार और खराब प्रदर्शन पर माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि दोनों क्षेत्रों में मतदान नहीं हुआ, बल्कि पुलिस के सहयोग से सत्ताधारी दल ने धांधली की।

उन्होंने कहा कि देशभर में भाजपा के खिलाफ लड़ाई चल रही है और बंगाल में इस संघर्ष का नेतृत्व कौन कर रहा है, जनता यह देख रही है।