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बंगाल में बंद होंगे बिना मान्यता वाले 252 मदरसे, 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी

Published: Sun, 13 Sep 2026 02:44 PM (IST)Updated: Sun, 13 Sep 2026 02:52 PM (IST)

पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले चरण के सर्वे के बाद 252 अमान्य मदरसों को बंद करने का नोटिस जारी किया है, जबकि 100 अन्य मदरसों से जवाब मांगा गया है।

अमान्य मदरसों के खिलाफ बंगाल सरकार का एक्शन।

अमान्य मदरसों के खिलाफ बंगाल सरकार का एक्शन।

HighLights

  1. बंगाल में 252 अमान्य मदरसों को बंद करने का नोटिस।

  2. 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

  3. राज्य में कुल 2396 अमान्य मदरसों की पहचान हुई।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बिना मान्यता प्राप्त मदरसों के खिलाफ शभेंदु सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। इसके तहत राज्य में किए गए सर्वे के बाद सरकार ने पहले चरण में 252 अमान्य (खारिजी) मदरसों को बंद करने का नोटिस जारी किया है, जबकि 100 अन्य मदरसों से इस संबंध में जवाब मांगा गया है।

बता दें कि राज्य सरकार ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मदरसों की जांच-पड़ताल का एक बड़ा अभियान शुरू किया था। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग की तरफ से किए गए इस पहले चरण के सर्वे के बाद कुल 2396 अमान्य मदरसों की पहचान की गई थी।

252 मदरसों पर लटकेगा ताला

अब इसी सर्वे के आधार पर सरकार ने कार्रवाई करते हुए 252 ऐसे मदरसों पर ताला लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिनके पास सही मान्यता नहीं है। इसके अलावा 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

22 जिलों में कराया गया सर्वे

अमान्य मदरसों के खिलाफ शुभेंदु सरकार की तरफ से कोलकाता समेत राज्य के कुल 22 जिलों में यह विशेष सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की गहराई से जांच की गई।  

  • मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की सटीक संख्या का पता लगाना।
  • मदरसा प्रबंधन प्रणाली की स्थिति।
  • छात्रों के दाखिले का रिकॉर्ड।
  • फंडिंग की जांच।
  • रजिस्ट्रेशन और कागजी दस्तावेजों की स्थिति।

'खारिजी' या अमान्य मदरसा किसे कहते हैं?

गौरतलब है कि आम तौर पर जिन मदरसों को बंद करने की कार्रवाई की जा रही है, उन्हें 'खारिजी' मदरसा कहा जाता है। ये ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त और स्वतंत्र इस्लामी शिक्षण संस्थान होते हैं जो किसी भी राज्य या सरकारी मदरसा शिक्षा बोर्ड से जुड़े नहीं होते।

अरबी भाषा में 'खारिजी' शब्द का मतलब 'बाहर' या 'अलग होना' होता है। यानी ऐसे संस्थान जो सरकारी शिक्षा प्रणाली के आधिकारिक ढांचे से बाहर रहकर अपना संचालन करते हैं। कुछ जगहों पर इन्हें 'कौमी' या 'निजामिया' मदरसा भी कहा जाता है।