-भाजपा व तृणमूल दोनों ने किया बोर्ड पर कब्जे का दावा

-धारा 144 के बावजूद हुई संघर्ष, बमबाजी, लाठीचार्ज की घटनाएं

-मतदान में हिस्सा लेने से भाजपा पार्षदों को रोकने का आरोप संवाद सूत्र, बैरकपुर : उत्तर 24 परगना जिला अंतर्गत बनगांव नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर मंगलवार को दिनभर ड्रामा चला। हालांकि अंत तक यह तय नहीं हो सका कि आखिर पालिका बोर्ड पर किस दल का कब्जा हुआ। इस बीच सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एवं भाजपा दोनों ने ही पालिका बोर्ड पर कब्जे का दावा किया है। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भाजपा पार्षदों ने इस दिन तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। प्रस्ताव पर मतदान शुरू होने के पहले ही दोनों दलों के बीच संघर्ष शुरू हो गया। धारा 144 लागू होने के बावजूद यहां जमकर बमबाजी की गई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार अपराह्न 3 बजे बनगाव नगरपालिका के चेयरमैन शकर आड्ड के खिलाफ भाजपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इस मतदान को केंद्र नगरपालिका भवन के सामने सुबह से ही पुलिस, मीडियाकर्मियों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गहमागहमी रही। कई नाटकीय मोड़ के बाद नपा चेयरमैन शकर आड्ड ने दावा किया कि अविश्वास प्रस्ताव में 10-0 से तृणमूल की जीत हुई है। तृणमूल के 9 और काग्रेस के एक पार्षद ने उनके पक्ष में मतदान किया है। जबकि भाजपा का आरोप है कि उनके दो पार्षद हिमाद्री मंडल और कार्तिक मंडल को पुलिस ने पालिका भवन के बाहर रोक दिया। बाकी उनके अन्य 9 पार्षदों को अंदर के एक कमरे में बंदकर अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। भाजपा का कहना है कि संख्या के अनुसार उनके पास 11 पार्षद हैं और नियमत: पालिका बोर्ड उनका है।

अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को लेकर इस दिन सुबह से ही पालिका भवन के सामने बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती थी। 500 फुट के दायरे में धारा 144 लागू थी। वहा की सड़क से गुजरने वाले वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर दिया गया था। जगह-जगह बैरिकेड किया गया था। उल्लेखनीय है कि 22 सीटों वाली बनगाव नपा की 20 सीटें तृणमूल, एक सीट काग्रेस और एक सीट माकपा के कब्जा में है। लोकसभा चुनाव में बनगाव संसदीय सटी से भाजपा की जीत हुई है। भाजपा को सिर्फ इस नपा क्षेत्र से 20 हजार वोट से जीत मिली है। उसके उपरात तृणमूल के 12 पार्षद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। ऐसी स्थिति मे यहां तृणमूल अल्पमत में आ गई थी। भाजपा पार्षदों ने नपा चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। भाजपा पार्षद मनतोष नाथ की याचिका के आधार पर हाई कोर्ट के 72 घटे में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने का निर्देश दिया था। उस मुताबिक इस दिन की कार्यवाई हुई।

दूसरी ओर, वार्ड नंबर 12 की पार्षद शंपा महतो ने खुद के अपहरण का आरोप वार्ड नंबर 2 के पार्षद हिमाद्री मंडल और वार्ड नंबर 7 के पार्षद कार्तिक मंडल पर लगाते हुए उनके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद से वे दोनों भूमिगत हो गए थे। उन्हें देखते ही गिरफ्तार करने का निर्देश पुलिस को मिला था। वे दोनों अपनी गिरफ्तारी पर सात दिनों का स्थगनादेश लेकर इस दिन पालिका भवन के समीप पहुंचे थे। उनके वाट्सऐप और ई-मेल पर अदालत का निर्देशनामा था, जिसे पुलिस मानने के लिए तैयार नही थी। आखिरकार लगभग 3.40 बजे नपा भवन के बाहर निकले तृणमूल के नपा चेयरमैन शकर आड्ड ने तृणमूल की जीत का दावा करते हुए आरोप लगाया कि मतदान में भाजपा का कोई पार्षद शामिल नहीं हुआ। उनका दावा है कि वैधानिक तरीके से अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ है। दूसरी ओर, संवाददाता सम्मेलन कर अपने 11 पार्षदों की गिनती कराते हुए भाजपा ने दावा किया कि बहुमत उनके साथ है, पुलिस की मदद से तृणमूल धाधली कर जीत का दावा कर रही है। इस धाधली के खिलाफ वे फिर से हाई कोर्ट में जाएंगे। पालिका भवन से बाहर निकलते हुए कार्यकारी अधिकारी गौतम विश्वास ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हुआ। हालांकि उन्होंने मतदान का रिजल्ट नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित विभाग रिजल्ट का खुलासा करेगा।

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-ममता को जनता देगी जवाब : भाजपा

प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने इस घटना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देश की अवमानना कर बनगांव नगरपालिका में जो हुआ है उसे राज्य एवं देशभर की जनता ने देखा है। कुछ दिनों में ही राज्य की जनता ममता बनर्जी को जवाब देगी। मजूमदार ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के हाथ गणतंत्र की हत्या के खून से रंगे हैं। सत्तारूढ़ दल ने प्रशासन का इस्तेमाल कर भाजपा पार्षदों को नगरपालिका भवन में घुसने से रोक दिया।

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-भाजपा के नाटक से कुछ होने वाला नहीं : फिरहाद

इस घटना पर नगर-निकाय मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम ने भाजपा पार्षदों पर नाटक करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी पर अपहरण का आरोप है तो उस पर कार्रवाई जरूर होगी। भाजपा को नाटक करने से कुछ हासिल नहीं होगा। इधर, मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने भाजपा पार्षदों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पार्षदों को नहीं रोका गया था बल्कि वे खुद पालिका भवन में नहीं गए।

Posted By: Jagran

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