कोलकाता, एजेंसी। Visva Bharati to Amartya Sen: विश्व भारती ने नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन को पत्र भेजा है। पत्र में उनसे पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन में कब्जा किए गए एक भूखंड को लौटाने के लिए कहा गया है। शांति निकेतन का आरोप है कि अमर्त्य सेन ने अवैध रूप से इस जमीन पर कब्जा कर रखा है। केंद्रीय विश्वविद्यालय के उप पंजीयक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रसिद्ध अर्थशास्त्री का निवास एक ऐसे क्षेत्र में बनाया गया है, जिसमें अतिरिक्त 13 डिसमिल भूमि शामिल है।

अनधिकृत कब्जा है

विश्वविद्यालय ने ये भी कहा कि वो अपने प्रतिनिधियों और सर्वेक्षणकर्ता या सेन की ओर से प्रतिनियुक्त अधिवक्ता का एक संयुक्त सर्वेक्षण करने के लिए तैयार है, ताकि दावों को सत्यापित किया जा सके। पत्र में कहा गया है कि रिकॉर्ड, भौतिक सर्वेक्षण और सीमांकन से ये पता चला है कि विश्व भारती से संबंधित 13 डिसमिल भूमि पर आपका अनधिकृत कब्जा है। इसमें कहा गया, 'आपसे अनुरोध है कि उक्त 13 डिसमिल जमीन जल्द से जल्द विश्वविद्यालय को सौंप दी जाए।'

अमर्त्य सेन के पिता ने लीज पर ली थी जमीन

विश्वविद्यालय की प्रवक्ता महुआ बनर्जी ने कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता के पिता आशुतोष सेन ने 1943 में विश्वविद्यालय से 125 डिसमिल जमीन पट्टे पर ली थी। जनवरी 2021 में विश्व भारती के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने सेन के परिवार पर परिसर में जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। सेन ने तब कहा था कि प्लॉट लंबी अवधि के लिए लीज पर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले आरोप लगाया था कि विश्व भारती के अधिकारी बीजेपी की नीतियों और विचारधारा की आलोचना करने के लिए सेन को परेशान कर रहे हैं।

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Edited By: Devshanker Chovdhary

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