कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) के सपनों के शांतिनिकेतन (Shanti Niketan) स्थित ऐतिहासिक विश्व भारती विश्वविद्यालय (Visva-Bharati University) के एक छात्र ने आरोप लगाया है कि एक प्रोफेसर ने उसके साथ बातचीत करने से इन्कार कर दिया और उसे “अशुद्ध” कहा है। सोमनाथ सो के आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर लिया है। बता दें कि हाल में प्रोफेसर और छात्रों के निलंबन को लेकर विश्वविद्यालय लगातार सुर्खियों में रहा है। सोमनाथ सो ने बताया कि शांतिनिकेतन के स्यांबती इलाके में एक चाय की दुकान पर उसकी मुलाकात प्रोफेसर सुमित बसु से हुई। सो ने आरोप लगाया कि उस समय बसु ने मुझे दलित कहा और कहा कि वह मुझसे बात नहीं करना चाहते। सो ने अपने शिकायत पत्र में कहा कि प्रोफेसर ने उससे कहा था कि अगर वह अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय के किसी व्यक्ति से बात करेंगे तो वह अपना सम्मान खो देंगे।

 संगीत भवन में मणिपुरी नृत्य के शिक्षक सुमित बसु ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि सोमनाथ सो ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें परेशान किया। अपनी शिकायत में, सुमित बसु ने दावा किया कि जब वह घर लौट रहा थे, तो उसे सोमनाथ सो ने रोका। उन्होंने आरोप लगाया है कि सोमनाथ ने उन्हें पीटा और गाली भी दी। यह मामला विश्वविद्यालय में तूल पकड़ लिया है और इसे लेकर विश्वविद्यालय परिसर में चर्चा का बाजार गर्म है।

केंद्रीय विश्वविद्यालय हाल ही में तीन छात्रों को “अव्यवस्थित आचरण” के लिए बर्खास्त किए जाने के बाद चर्चा में था। इस निर्णय के कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ और कुलपति के आवास के बाहर धरना दिया गया। हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में तीनों छात्रों को कक्षाओं में फिर से शामिल होने की अनुमति दी। इसके बाद कैंपस में सामान्य स्थिति की वापसी हुई। इस बीच, विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर सुदीप्तो भट्टाचार्य को नोटिस भेजा, जिन्होंने पिछले सप्ताह कुलपति के आवास के पास धरने पर मौजूद छात्रों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। विश्वभारती यूनिवर्सिटी फैकल्टी एसोसिएशन के पदाधिकारी भट्टाचार्य को तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

Edited By: Babita Kashyap