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कोलकाता में तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प, मंच में लगाई आग, भारी तनाव

Published: Sun, 25 Jan 2026 11:46 PM (IST)

कोलकाता के बेहाला में झंडे लगाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। बिप्लब कुमार ...और पढ़ें

कोलकाता में तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प (स्क्रीनग्रैब)

कोलकाता में तृणमूल और भाजपा समर्थकों के बीच हिंसक झड़प (स्क्रीनग्रैब)

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राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। महानगर के करीब बेहाला इलाके में रविवार को राजनीतिक सरगर्मी ने हिंसक रूप ले लिया। साखेर बाजार क्षेत्र में झंडे लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।

इस दौरान न केवल जमकर तोड़फोड़ हुई, बल्कि उस अस्थायी मंच को भी आग के हवाले कर दिया गया, जहां कुछ समय पहले त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने जनसभा को संबोधित किया था।

पूरी घटनाक्रम

घटना की शुरुआत तब हुई जब भाजपा कार्यकर्ता इलाके में अपनी पार्टी के झंडे लगा रहे थे। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल समर्थकों ने उन्हें झंडे लगाने से रोका और उकसाने वाली कार्रवाई की। बिप्लब देब की 'परिवर्तन संकल्प सभा' खत्म होने के कुछ ही देर बाद स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

मंच पर लगा दी आग

आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सभा स्थल पर धावा बोलकर वहां तोड़फोड़ की और बिप्लब देब के जाते ही मंच में आग लगा दी। इसके जवाब में भाजपा समर्थकों ने स्थानीय तृणमूल पार्षद सुदीप पोलले के कार्यालय में तोड़फोड़ की।

इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के आइटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इंटरनेट मीडिया पर हिंसा का वीडियो साझा करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हार के डर से तृणमूल के गुंडे कोलकाता की सड़कों पर राजनीतिक आतंक फैला रहे हैं।

वहीं, भाजपा के दक्षिण कोलकाता जिला अध्यक्ष अनुपम भट्टाचार्य ने दावा किया कि उन्होंने सभा के लिए पहले ही अनुमति ले ली थी, लेकिन तृणमूल ने जानबूझकर शांति भंग करने के लिए हिंसा भड़काई।

टीएमसी ने किया आरोपों को खारिज

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। तृणमूल विधायक रत्ना चटर्जी ने कहा कि भाजपा समर्थक उनके खेल आयोजनों में बाधा डाल रहे थे। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को नहीं पता कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में उनकी पार्टी ऐसे हमलों से और मजबूत होती है।

भारी पुलिस बल तैनात

फिलहाल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि आगे की हिंसा को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है कि आगजनी और तोड़फोड़ के लिए मुख्य रूप से कौन जिम्मेदार है।