कोलकाता, एएनआइ। अमित शाह गृह मंत्री के तौर पर पहली बार पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। कोलकाता में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण(NRC) और नागरिकता विधेयक 2019 पर उन्‍होंने सेमिनार को संबोधित किया। अमित शाह ने कहा कि अगले चुनाव में बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी। साथ ही अमित शाह ने कहा कि लोगों को एनआरसी पर अपना भ्रम दूर कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपको स्पष्ट कहना चाहता हूं कि हम एनआरसी ला रहे हैं। उसके बाद हिंदुस्तान में एक भी घुसपैठिए को रहने नहीं देंगे। उन्हें चुन-चुनकर बाहर करेंगे, लेकिन हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी।

अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अगर परिवर्तन नहीं करती तो भाजपा 300 सीटों से ज्यादा जीतने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाती। इस लोकसभा चुनाव में बंगाल में भाजपा को 18 सीटों पर जीत मिली है।अब आने वाले चुनाव में यहां निश्चित रूप से भाजपा की सरकार बनने वाली है।

इस मंच से गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर पार्टी का नारा दोहराते हुए कहा कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है। अमित शाह ने कहा कि हिंदू शरणार्थियों को बंगाल नहीं छोड़ना पड़ेगा। अमित शाह नेे कहा कि बंगाल में शहीद होने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एनआरसी जागरूकता कार्यक्रम में कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने की अवाज सबसे पहले पश्चिम बंगाल से ही उठी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने यहीं से एक देश, एक संविधान का नारा दिया था। अमित शाह ने कहा कि इसी बंगाल के सपूत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा लगाया था कि एक देश में दो प्रधान, दो विधान और दो संविधान नहीं चलेंगे। भारत मां के इस महान सपूत को गिरफ्तार किया गया था और रहस्यमय तरीके से उनकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद की शहादत के बाद कांग्रेस को लगा कि मामला अब समाप्त हो गया, लेकिन उन्हें पता नहीं कि हम भाजपा वाले हैं किसी चीज को पकड़ते हैं तो फिर उसे छोड़ते नहीं हैं। आपने इस बार भाजपा सरकार बनाई और हमने एक ही झटके में 370 को उखाड़कर फेंक दिया।

उन्होंने कहा कि मैं आपको स्पष्ट कहना चाहता हूं कि हम एनआरसी ला रहे हैं।, उसके बाद हिंदुस्तान में एक भी घुसपैठिए को रहने नहीं देंगे। उन्हें चुन-चुनकर बाहर करेंगे। भाजपा सरकार एनआरसी के पहले सिटिजन अमेंडमेंट बिल लाने वाली है, इस बिल के तहत भारत में जितने भी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई शरणार्थी आए हैं उन्हें हमेशा के लिए भारत की नागरिकता दी जाने वाली है।

केंद्रीय गृह मंत्री नेताजी इनडोर स्टेडियम में आयोजित सेमिनार में अमित शाह एनआरसी और सिटिजनशिप अमेंडमेंट बिल पर बोल रहें हैैं। बता दें कि गृहमंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि असम के बाद एनआरसी को धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा। वहीं, ममता बनर्जी शुरुआत से ही एनआरसी का विरोध करती आई हैं।

जानकारी हो कि पश्चिम बंगाल में यह सेमिनार ऐसे वक्त में हो रहा है जब पश्चिम बंगाल में एनआरसी के लागू होने के कथित भय से 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इसलिए कार्यक्रम की अहमियत ज्यादा है। सैकड़ों लोग शहर और राज्य के अन्य हिस्सों में अपने जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज लेने के लिए सरकारी और नगर निकाय के दफ्तरों के बाहर कतार लगाए खड़े हैं, ताकि अगर राज्य में एनआरसी को लागू किया जाए तो उनकी तैयारी पूरी रहे।

जानकारी हो कि अमित शाह ने बार-बार कहा कि पूरे देश में एनआरसी को लागू किया जाएगा जबकि तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एनआरसी को लागू नहीं करने का संकल्प लिया है। प्रदेश भाजपा नेताओं का कहना है कि इस सेमिनार में अमित शाह के संबोधन की अहमियत ज्यादा है, क्योंकि वह टीएमसी के सभी आरोपों और पार्टी द्वारा एनआरसी पर पैदा की गई गलतफहमियों का जवाब दे सकते हैं।

जानकारी के अनुसार असम, देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां एनआरसी की कवायद की गई है। एनआरसी की 31 अगस्त को प्रकाशित सूची में 19 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं है। इनमें से 12 लाख हिंंदू हैं। एनआरसी 1985 के असम समझौते के तहत और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई है।

Posted By: Preeti jha

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