जागरण संवाददाता, कोलकाता : चक्रवात 'बुलबुल' बंगाल में तबाही मचा कर जा चुका है, लेकिन पीछे भयानक निशानी छोड़ गया है। चक्रवात से राज्य में जान-माल दोनों का ही नुकसान हुआ है। इसका ताजा उदाहरण गुरुवार को भी दिखा। इस दिन रायदिघी इलाके से दो और मछुआरों का शव बरामद हुआ, जो चक्रवात की चपेट में आने के बाद ट्रालर (बड़ी नाव) के साथ समुद्र में लापता हो गए थे। उनकी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश शुरू हो गई है। जबकि उक्त ट्रालर में सवार पांच और मछुआरे अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश में बुधवार के बाद गुरुवार को भी जिला प्रशासन ने खाड़ी क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। मालूम हो कि गत 12 नवंबर को भी नामखाना से तीन मछुआरों का शव बरामद हुआ था। साथ ही एक ट्रालर भी बरामद हुआ था, जिसमें शव पाए जाने की शंका थी।

गौरतलब हो कि चक्रवात बुलबुल की चेतावनी के बाद समुद्र में मछली पड़ने गए सछुआरों का दल गहरे समुद्र से वापस लौट रहा था। लेकिन चक्रवात के फंस कर नामखाना, रायदिघी और बकखाली इलाकों के मछुआरों की दो ट्रालर पलट गई थी, जिसमें सवार 16 मछुआरे लापता हो गए थे। उनमें से अब तक पांच मछुआरों का शव बरामद हो चुका है, जबकि 11 अभी भी लापता है। जिला प्रशासन और तट रक्षक बल प्रतिदिन मछुआरों की तलाश कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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