कोलकाता, [राज्य ब्यूरो]। मुकुल राय की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तृणमूल कांग्रेस सशंकित है। चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेता मुकुल के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ कर उनके साथ जा सकते हैं। पार्टी में टूट की आशंका से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी चिंतित हैं।

वैसे मुकुल दिल्ली जाने के बाद अगले सप्ताह अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट करेंगे, लेकिन उनकी अब तक की राजनीतिक गतिविधियों से यह साफ हो गया है कि वह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। मुकुल ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि भाजपा सांप्रदायिक पार्टी नहीं है। 1998 में तृणमूल अपने जन्म काल से ही भाजपा की सहयोगी रही है।

राजग के सहयोगी दल के तौर पर तृणमूल कांग्रेस अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में शामिल थी। इससे पहले मंगलवार को मुकुल ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में दुर्गापूजा के उपलक्ष्य में मिठाइयां भेजी।तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी ने मुकुल पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत ऐतिहासिक भूल की है। वैसे राज्य में माकपा ऐतिहासिक भूल करती रही है, लेकिन इस कड़ी में एक व्यक्ति का नाम भी जुड़ गया। पार्थ ने कहा कि ममता बनर्जी ने राजनीतिक इतिहास रचा है।

बंगाल का राजनीतिक इतिहास जानने वाले को सब पता है। मुकुल ममता बनर्जी की छवि को लेकर चमके हैं। ममता की छवि हटते ही सब खत्म हो जाएगा। ममता ने इतिहास रचने के साथ जिस तृणमूल कांग्रेस का गठन किया है उसे तोड़ना किसी के लिए आसान नहीं है।

पार्टी का एक भी कार्यकर्ता मुकुल के साथ नहीं जाएगा।केंद्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी मुकुल को सम्माननीय व्यक्ति बताते हुए उनकी प्रशंसा की थी। कहा था कि मुकुल योग्य नेता हैं। उनके लिए सभी पार्टियों के दरवाजे खुले हैं। हालांकि मुकुल के भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बाबुल ने स्पष्ट कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी सांगठनिक क्षमता की तारीफ की और कहा कि सभी पार्टियों को ऐसे नेता की जरूरत होती है।

Posted By: Preeti jha

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