राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनुपम हाजरा ने बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं को अंधाधुंध तरीके से शामिल करके शीर्ष नेताओं ने गलती की। उन्होंने कहा कि तृणमूल के असंतुष्ट नेताओं को बहुत अधिक महत्व देने की कीमत पार्टी को चुकानी पड़ी और इसीलिए विधानसभा चुनाव में हम हार गए।

हाजरा ने बोलपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भाजपा में शामिल किए गए अनेक नेता उसके प्रति निष्ठावान नहीं हैं और पार्टी की विचारधारा के प्रति उनमें कोई सम्मान नहीं है।उन्होंने दावा किया कि टीएमसी से नए नेताओं के आने के बाद पार्टी के निष्ठावान व पुराने भाजपा नेता खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले धुआंधार प्रचार के दौरान उनसे कोई मशविरा नहीं किया गया। पद के लिए भाजपा में आने वाले अवसरवादी टीएमसी नेताओं और कुछ मशहूर हस्तियों को अनावश्यक महत्व दिया गया।

तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता व मुकुल राय के करीबी माने जाने वाले हाजरा ने कहा, कई अदाकारा भाजपा में शामिल हुए, जिन्हें पार्टी की विचारधारा की कोई जानकारी नहीं थी। सालभर पार्टी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं से सलाह लिये बिना उन्हें चुनावों में उतारा गया।ऐसा करना सही नहीं था और इसके लिए हमारे राज्य स्तर के कुछ नेता जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि हमने अपना सबक सीखा है। इसकी भी बहुत जरूरत थी।

भाजपा में हर किसी को बराबर सम्मान दिया : दिलीप घोष

हालांकि, पिछले महीने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पदभार छोड़ने वाले भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने हजारा की टिप्पणी को बहुत अधिक महत्व नहीं दिया और कहा कि भाजपा में हर किसी को बराबर सम्मान दिया गया। मेदिनीपुर के सांसद घोष ने कहा कि हम उस तरह से काम नहीं करते। जो कोई भी हमारी पार्टी का झंडा उठाता है उसे वह सम्मान मिलता है जिसके वह हकदार हैं। हम सभी को अपनी पार्टी का कार्यकर्ता मानते हैं। दूसरी ओर, त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत राय ने हाजरा के बयान का समर्थन किया है और कहा कि वह पहले ही यह बात कह चुके हैं।

बाबुल सुप्रियो ने भी उठाया था सवाल

बता दें कि इससे पहले टीएमसी में शामिल होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी कहा था कि उन्होंने बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को भाजपा में अंधाधुंध शामिल किए जाने का विरोध किया था और शायद इसका चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। वहीं, हाजरा के इस बयान पर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी पराजय के कारणों का आकलन कर रही है लेकिन किसी पार्टी नेता को प्रेस में अपने विचार नहीं रखने चाहिए।दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में हार के बाद आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है।

Edited By: Babita Kashyap