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TMC के पुष्पा ने जोड़े हाथ और पकड़े कान, बंगाल पुलिस ने जहांगीर खान को 4 घंटे नंगे पैर फिर कराई परेड

Published: Tue, 16 Jun 2026 06:53 AM (IST)Updated: Tue, 16 Jun 2026 06:55 AM (IST)

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को नेपाल भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया है।

HighLights

  1. टीएमसी नेता जहांगीर खान नेपाल भागने की कोशिश में गिरफ्तार।

  2. 'कट मनी' विवाद पर जनता का गुस्सा, पुलिस कार्रवाई जारी।

  3. अन्य तृणमूल नेता भी जन आक्रोश और कार्रवाई झेल रहे।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता इन दिनों भारी जन आक्रोश और पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। राज्य भर से नेताओं की फजीहत और कट मनी को लेकर बवाल की खबरें सामने आ रही हैं। इसी क्रम में दक्षिण 24 परगना के फालता इलाके में अपना दबदबा रखने वाले कद्दावर नेता जहांगीर खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

2026 के विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान जहांगीर ने खुद को सुपरहिट फिल्म पुष्पा के नायक की तरह पेश किया था। उन्होंने कई मौकों पर पुष्पा झुकेगा नहीं साला डायलॉग बोलते हुए यह दिखाने की कोशिश की थी कि वह एक बेहद मजबूत नेता हैं और किसी भी तरह के दबाव के आगे घुटने नहीं टेकेंगे।

हार के बाद हाईकोर्ट की शरण

फालता सीट पर चुनाव के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों के कारण 21 मई 2026 को वहां पुनर्मतदान कराया गया था, लेकिन हमेशा न झुकने का दावा करने वाले जहांगीर ने चुनाव से 48 घंटे पहले ही मैदान छोड़ दिया था। 24 मई को आए नतीजों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हार के बाद से ही वह पूरी तरह से गायब हो गए थे। मई के अंत में उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर गिरफ्तारी से बचने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की थी।

हालांकि, 8 जून को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने उन्हें उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे। फालता पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज हैं और फिलहाल उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता लाया जा रहा है।

जनता के गुस्से का शिकार हो रहे अन्य तृणमूल नेता

जहांगीर के अलावा राज्य के कई अन्य तृणमूल नेताओं को भी भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सात जून को गिरफ्तार किए गए टीएमसी पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को जब पुलिस कोर्ट ले जा रही थी, तब आक्रोशित लोगों ने उनकी गाड़ी पर अंडे फेंके।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हावड़ा के एक अन्य वीडियो में 'कट मनी' वसूलने के आरोपी एक नेता का लोगों ने पहले सिर मुंडवाया और फिर उसे जूतों की माला पहनाकर सरेआम घुमाया।

इसके अलावा, एक वीडियो में एक नेता पुलिस से बचने के लिए साड़ियों के ढेर के नीचे छिपा नजर आया। वहीं, चार जून को कूचबिहार के एक मामले में टीएमसी नेता शाहिदुल मियां का वीडियो सामने आया था।

उन पर आवास योजना में कमीशन खाने का आरोप था, जिसके बाद उग्र भीड़ उनके घर पहुंच गई। भीड़ के खौफ से शाहिदुल अपने ही घर में बिस्तर के नीचे छिप गए थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने वहां से निकालकर सुरक्षित थाने पहुंचाया।

वापस हो रही कमीशन की रकम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'कट मनी' एक बेहद पुराना और गंभीर मुद्दा बन चुका है। इसका सीधा मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने के बदले स्थानीय नेताओं द्वारा वसूला जाने वाला अवैध कमीशन है।

इस मुद्दे की शुरुआत तब हुई थी जब 18 जून 2019 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद एक बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि जिन्होंने भी जनता से कट मनी ली है, वे उसे वापस कर दें। तब से लेकर आज तक भारतीय जनता पार्टी ने इसे 2019, 2021, 2024 और 2026 के चुनावों में एक बड़ा हथियार बनाया है।

इसका असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। हाल ही में राज्य के कई हिस्सों से ऐसे वीडियो सामने आए हैं जहां डरे हुए स्थानीय नेता लोगों से लिए गए पैसे लौटा रहे हैं।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी नामखाना इलाके का एक ऐसा ही वीडियो साझा किया था, जिसमें दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 45 लाभार्थियों से वसूले गए पांच-पांच हजार रुपये वापस किए जा रहे हैं।