राज्य ब्यूरो, कोलकाता : बंगाल में कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दोबारा पूछताछ के लिए भेजे गए समन को चुनौती देते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे सांसद अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अपनी याचिका में अभिषेक ने 10 सितंबर को ईडी द्वारा पीएमएलए की धारा 50 के तहत जारी उस समन को रद करने की मांग की है, जिसमें 21 सितंबर को जांच एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए उन्हें अनिवार्य रूप से पेश होने को कहा गया है।

उन्होंने अदालत से इस समन को रद करने के लिए आदेश देने की गुहार लगाई है। बताते चलें कि कोयला घोटाले मामले में इससे पहले ईडी ने बीते छह सितंबर को अभिषेक बनर्जी से दिल्ली स्थित जांच एजेंसी के कार्यालय में लगातार नौ घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद आठ सितंबर को ईडी ने उन्हें फिर पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। लेकिन अभिषेक हाजिर नहीं हुए थे।

इसके बाद ईडी ने 10 सितंबर को उन्हें फिर नोटिस भेजा और दिल्ली स्थित कार्यालय में 21 सितंबर को जांच के सिलसिले में पेश होने को कहा है। ईडी सूत्रों का कहना है कि इससे पहले छह सितंबर को हुई पूछताछ में अभिषेक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया था। इसीलिए जांच एजेंसी उनसे इस संबंध में पूछताछ करना चाहती है।

ईडी सूत्रों के मुताबिक तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव और उनके परिवार से जुड़ी दो कंपनियों में जमा कराए गए करोड़ों रुपये के स्रोत का विश्लेषण चल रहा है। इस संबंध में अभिषेक से और पूछताछ की जानी है। हालांकि कंपनी ने सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा। अभिषेक के सबसे करीबी रिश्तेदार दोनों कंपनियों में निदेशक हैं।

कंपनियों के निदेशकों को भी तलब किया जा सकता है। सूत्रों ने दावा किया कि दोनों कंपनियों में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में करीब 4.37 करोड़ रुपये जमा किए गए। आरोप है कि कोयला तस्करी मामले में एक आरोपित का संबंध इस कंस्ट्रक्शन कंपनी से है। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, हो सकता है कि आरोपित ने इस पैसे का इस्तेमाल 'प्रोटेक्शन मनी' के तौर पर गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया हो। जांच अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि अभिषेक ने पैसे के स्रोत के लिए कोई संतोषजनक जवाब अब तक नहीं दिया है।

Edited By: Vijay Kumar