विधायकों को एकजुट रखने की कवायद में जुटी तृणमूल
बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती का सामना कर ...और पढ़ें

HighLights
तृणमूल विधायकों की एकजुटता बनाए रखने पर जोर।
ममता बनर्जी के आवास पर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित।
दल-बदल रोकने, भविष्य की रणनीति पर चर्चा।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस अब अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखने की चुनौती से जूझ रही है। इसी पृष्ठभूमि में विधानसभा में तृणमूल विधायक दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने रविवार को पार्टी विधायकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर आयोजित होगी, जिसमें सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य बताई गई है।
शोभनदेव ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी से भी बैठक में मौजूद रहकर विधायकों का मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया है। विधानसभा में 80 विधायक होने के बावजूद तृणमूल को अब तक आधिकारिक तौर पर विपक्ष का दर्जा नहीं मिला है, जिससे पार्टी नेतृत्व नाराज है।
हाल के दिनों में कुछ विधायकों की गतिविधियों ने नेतृत्व की चिंता और बढ़ा दी है। तृणमूल विधायक ऋतब्रत बनर्जी, संदीपन साहा की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात और बाद में विधानसभा में कुछ अन्य विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को हवा दी। हालांकि संबंधित नेताओं ने इन मुलाकातों को महज औपचारिक बताया है।
बुधवार को स्पीकर से मुलाकात न होने पर शोभनदेव और विधायक कुणाल घोष ने विधानसभा परिसर में धरना भी दिया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रविवार की बैठक में विपक्ष के अधिकारों, विधायकों के लिए कक्ष आवंटन और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही, दल-बदल की संभावनाओं को रोकने और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
