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‘भगवान राम के श्राप से नष्ट हुई तृणमूल', शुभेंदु ने ममता पर साधा निशाना

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:25 PM (IST)

शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में चल रहे संकट को पार्टी के 'अहंकार' और 'भगवान राम के श्राप' का परिणाम ...और पढ़ें

तृणमूल संकट को शुभेंदु अधिकारी ने बताया भगवान राम के श्राप का नतीजा

तृणमूल संकट को शुभेंदु अधिकारी ने बताया भगवान राम के श्राप का नतीजा

HighLights

  1. शुभेंदु ने तृणमूल संकट को 'अहंकार' और 'भगवान राम के श्राप' का परिणाम बताया।

  2. चुनाव आयोग के फैसले में भाजपा की कोई सीधी भूमिका नहीं: शुभेंदु अधिकारी।

  3. ममता बनर्जी पार्टी को एकजुट रखने में विफल रहीं: शुभेंदु का आरोप।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस में चल रहे संकट को पार्टी के ‘अहंकार’ और ‘भगवान राम के श्राप’ का परिणाम बताया है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज करने के फैसले में भाजपा की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। राज्य सचिवालय नवान्न में विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में शुभेंदु ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नियमों के अनुसार फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी को एकजुट नहीं रख सकीं और पार्टी दो, तीन और चार गुटों में बंट गई। ममता पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए वह (पूर्व मुख्यमंत्री) खुद जिम्मेदार हैं।

शुभेंदु ने स्पष्ट किया कि आयोग के फैसले में भाजपा की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। शुभेंदु ने इस दौरान संस्कृत के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि अहंकार का अंत अंततः ईश्वर के हाथों होता है। शुभेंदु ने तृणमूल नेतृत्व पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले पुराने बयानों और राजनीतिक रुख का भी आरोप लगाया।

उन्होंने हिंदू धर्म और महाकुंभ को लेकर तृणमूल नेताओं के कथित बयानों तथा अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय कोलकाता में निकाली गई कथित विरोध रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब ‘भगवान राम के श्राप’ से नष्ट हुआ है। राज्य सचिवालय से पहले मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी विश्वकर्मा पूजा कार्यक्रम में हिस्सा लिया।