कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को कैश कांड में जमानत पर रिहा झारखंड के तीन विधायकों को अपने गृह राज्य जाने की सशर्त अनुमति दे दी। यह आदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश जयमाल्या बागची और न्यायाधीश अनन्या बनर्जी की खंडपीठ ने दिया है। पहले हाई कोर्ट ने तीनों विधायकों को जेल से छुटने के बाद कोलकाता में ही रहने और झारखंड नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी थी। अब खंडपीठ ने कहा कि झारखंड में विधानसभा का काम है तो जांचकर्ताओं को सूचना देकर तीनों विधायक गृह राज्य जा सकते हैं।

पिछले जुलाई में झारखंड के तीन विधायकों राजेश कच्छप, नमन बिक्सल कोंगारी और इरफान अंसारी को हावड़ा के पंचला में 48 लाख रुपये  के साथ गिरफ्तार किया गया था। हाई कोर्ट ने उन्हें 17 अगस्त को सशर्त जमानत दे दी थी। शर्त यह थी कि वे झारखंड नहीं जा सकते हैं। उन्हें कोलकाता में ही रहना होगा। लेकिन हाल ही में उन तीनों विधायकों ने कोर्ट को बताया कि विधानसभा में उनके कई काम हैं। यह पत्र झारखंड विधानसभा से भी आया है। उन्होंने अदालत से अपील की कि उन्हें बकाया काम पूरा करने की अनुमति दी जाए। इस अर्जी को देखते हुए खंडपीठ ने सोमवार को आदेश दे दिया कि विधायक कोलकाता छोड़कर विधानसभा के कामकाज में शामिल होने के लिए झारखंड जा सकते हैं। हालांकि बताया गया है कि पड़ोसी राज्य की विधानसभा से पत्र मिलने पर ही वे जा सकेंगे।

इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट किया कि वे विधानसभा के काम के लिए ही झारखंड में रह सकते हैं। लेकिन काम पूरा होने के बाद उन्हें वापस कोलकाता आना होगा। वे विधानसभा कार्य के अलावा किसी अन्य कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकते। इतना ही नहीं, अगर उन्हें झारखंड में रहते हुए बंगाल सीआइडी के अधिकारियों द्वारा जांच के उद्देश्य से बुलाया जाता है, तो उन्हें 24 घंटे के भीतर हाजिर होना होगा।

Edited By: Sumita Jaiswal

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट