राज्य ब्यूरो, कोलकाता। East West Metro. पश्चिम बंगाल में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कहीं कोलकाता मेट्रो की राह पर तो नहीं बढ़ रही है। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना के पहले चरण के शुभारंभ के दिन ही एक ट्रेन कई स्टेशनों पर रुके बिना बढ़ गई और अब एक स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगे स्क्रीन डोर के नहीं खुलने की घटना सामने आई है।

गौरतलब है कि कोलकाता मेट्रो की ट्रेनों के गेट पर समय पर नहीं खुलना, उसमें लोगों का हाथ-पैर फंस जाना, ट्रेन से धुआं निकलना, ये सब अब आम बातें हो गई हैं। पिछले साल पार्क स्ट्रीट स्टेशन पर मेट्रो के दरवाजे पर एक व्यक्ति का हाथ फंस जाने के कारण प्लेटफार्म पर ही घिसट कर उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। कोलकाता मेट्रो में इसी तरह की कई अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जो चुकी है। तकनीकी खामियों को लेकर कोलकाता मेट्रो के अधिकारी हमेशा ही परेशान रहते हैं। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो को लेकर ये सारी दिक्कतें न हों, इसका ईस्ट-वेस्ट मेट्रो परियोजना की शुरुआत से ही खास ध्यान रखा गया था, लेकिन आखिरकार इसकी शुरुआत हो ही गई, वह भी इसका सफर शुरू होने के कुछ ही दिनों के अंदर।

ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की ट्रेन साल्टलेक सेक्टर-5 स्टेशन पहुंची तो वहां लगे स्क्रीन डोर नहीं खुले। ट्रेन से उतरने वाले यात्री अंदर ही फंसे रह गए और ट्रेन पकडऩे को प्लेटफार्म पर खड़े लोग बाहर ही रह गए। काफी मशक्कत के बाद भी स्क्रीन डोर नहीं खुले तो अंत में स्टेशन मास्टर के कक्ष से चाभी लाकर उन्हें खोला गया। इसकी वजह से ट्रेन के स्टेशन से रवाना होने में विलंब हुआ।

गौरतलब है कि खुदकशी की घटनाएं रोकने के लिए ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के सभी स्टेशनों पर स्क्रीन डोर लगाए गए हैं। एक-एक स्टेशन पर 24 स्क्रीन डोर हैं। इस घटना को लेकर ईस्ट-वेस्ट मेट्रो के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। 

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Posted By: Sachin Kumar Mishra

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