कोलकाता, जागरण संवाददाता। टैक्सी किराए में वृद्धि समेत विभिन्न मागों को लेकर एवं पुलिस जुल्म के खिलाफ कोलकाता टैक्सी ऑपरेटर्स यूनियन (एटक) व वेस्ट बंगाल टैक्सी ऑपरेटर्स को-आर्डिनेशन कमेटी ने 14 मई को 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है।

दोनों यूनियनों ने अपने सदस्य चालकों के साथ ही टैक्सी मालिकों एवं अन्य टैक्सी संगठनों को इसमें शामिल होने का आह्वान किया है। वेस्ट बंगाल टैक्सी आपरेटर्स को-आर्डिनेशन कमेटी के संयोजक एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के राष्ट्रीय सचिव नवल किशोर श्रीवास्तव ने महानगर के सभी टैक्सी चालकों को उस दिन टैक्सी सेवा बंद कर हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है। साथ ही उन्होंने टैक्सी मालिकों से भी इस हड़ताल में शामिल होने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि हड़ताल के दौरान ही परिवहन भवन अभियान किया जाएगा। इसके लिए सुबह 11 बजे कालेज स्क्वायर से जुलूस निकलेगा। उक्त मुद्दे पर राज्य सरकार द्वारा 10 मई तक किसी तरह का सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो 14 मई को हड़ताल तय है। टैक्सी उद्योग और इससे जुड़े हजारों परिवारों की रोजी-रोटी बचाने के उद्देश्य से विवशता में हड़ताल बुलाई गई है। उक्त विषय पर मुख्यमंत्री के ध्यानाकर्षण के लिए पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान पहले से ही चल रहा है। इसके तहत अभी तक 3600 हस्ताक्षरित पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को भेजे जा चुके हैं। इस तरह से दस हजार पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को भेजने का लक्ष्य है। हालांकि अब तक मुख्यमंत्री ने कोई ध्यान नहीं दिया है।

श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि टैक्सी चालकों पर टै्रफिक पुलिस के अत्याचार में कोई कमी नहीं आई है। पेट्रोल, डीजल के साथ ही कल-पुर्जो के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जबकि टैक्सी किराए में वर्ष 2012 के बाद से अभी तक कोई वृद्धि नहीं की गई है। ऐसे में टैक्सी उद्योग पर संकट गहराता जा रहा है। इस उद्योग की रक्षा के लिए टैक्सी चालकों के पास हड़ताल के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। 

Posted By: Preeti jha

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